नारायणपुर.
रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। करीब 140 किलोमीटर लंबी लाइन बस्तर को नए नेटवर्क से जोड़ेगी। इस कॉरिडोर में जगदलपुर, कोंडागांव, नारायणपुर और दल्लीराजहरा शामिल हैं। नारायणपुर इस परियोजना का अहम केंद्र बनकर उभर रहा है। अब तक सड़क पर निर्भर इलाका रेल सुविधा की ओर बढ़ रहा है।
खनिज, वन उत्पाद और व्यापारिक परिवहन को सीधा लाभ मिलेगा। यात्रियों के लिए सफर आसान और समय कम होने की उम्मीद है। परियोजना की अनुमानित लागत 3513 करोड़ रुपये बताई गई है। रेल कॉरिडोर में 12 नए स्टेशन विकसित किए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया को तेजी दी जा रही है। वर्ष 2028 तक काम पूरा होने की संभावना जताई गई है। यह परियोजना बस्तर की विकास पटरी पर बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। बस्तर की बहुप्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है। भारतीय रेल ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टेंडर जारी कर दिया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस रेल लाइन के शुरू होने से बस्तर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
बस्तर के विकास की ‘लाइफलाइन’ बनेगी
रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन को बस्तर के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल क्षेत्र में यात्री परिवहन आसान होगा, बल्कि खनिज संपदा के परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से बस्तर के दूरस्थ इलाकों को मुख्यधारा से जोडऩे में मदद मिलेगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
3513 करोड़ की मंजूरी
बस्तर की बहुप्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। भारतीय रेल द्वारा एक ओर जहां इस प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टेंडर जारी कर निर्माण कार्य को गति दी गई है, वहीं केंद्र सरकार से 3513.11 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलने से यह परियोजना और तेज हो गई है। लगभग 140 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। इस टेंडर की अनुमानित लागत करीब 98.49 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। निविदा प्रक्रिया के तहत इच्छुक एजेंसियों को 8 मई 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। समयसीमा तय होने से अब परियोजना के कार्यों में गति आने की संभावना बढ़ गई है।
पुल और ओवरब्रिज निर्माण से जुड़े अहम काम
जारी निविदा के अनुसार रावघाट से जगदलपुर तक प्रस्तावित लगभग 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के एक महत्वपूर्ण हिस्से में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके तहत एक प्रमुख बड़ा पुल, छह छोटे पुल और दो रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा अन्य सहायक संरचनाओं का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे पूरी लाइन को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

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