होर्सेंस (डेनमार्क)
भारत की खिताब जीतने की उम्मीदें थॉमस कप के सेमीफाइनल में फ्रांस से 0-3 से मिली हार से निराशा में बदल गई। भारतीय पुरुष टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। लक्ष्य सेन का नहीं खेलना भारत को भारी पड़ा और एच एस प्रणय भी आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत की तरह हार गए। प्रणय को दुनिया के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव के हाथों 19-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा।
थॉमस कप में भारत का दूसरा मेडल
इस पूरी तरह से एकतरफा मुकाबले में भारत एक भी गेम जीतने में नाकाम रहा। थॉमस कप में यह भारत का दूसरा मेडल है। 2022 में टीम ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीता था। फ्रांस इस जीत के साथ डेनमार्क के 2016 में पहला खिताब जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया। फाइनल में फ्रांस का सामना टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम चीन से होगा। जिसने सेमीफाइनल में डेनमार्क को 3-0 से हराया।
लक्ष्य सेन इंजरी की वजह से नहीं खेले
आयुष शेट्टी को शुरुआती एकल में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव से और फिर दूसरे एकल में किदांबी श्रीकांत को दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स लैनियर से हार मिली। लक्ष्य सेन की दाहिनी कोहनी में सूजन थी जिसके बाद 20 साल के आयुष को शुरुआती एकल में उतारा गया। आयुष फ्रांस के पोपोव की रणनीति का मुकाबला करने में नाकाम रहे और 39 मिनट में 11-21, 9-21 से पराजित हो गए।
श्रीकांत भी कमाल नहीं कर पाए
इसके बाद सभी की नजरें श्रीकांत पर थीं कि वह मैच बराबर करें, लेकिन दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद भी 16-21, 18-21 से हार गए। फिर जिम्मेदारी एच एस प्रणय पर थी कि वह भारत की उम्मीदों को जीवंत रखें। 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ने बेहतर चुनौती पेश की लेकिन वह दुनिया के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव को नहीं हरा सके।

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