October 28, 2026

7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का बढ़ेगा DA, सरकार ने 3 फीसदी बढ़ोतरी को दी हरी झंडी

नई दिल्ली
 केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स का महंगाई भत्ते (DA) व महंगाई राहत (DR) को लेकर इंतजार खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को डीए और डीआर में 3 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार की ओर से दिवाली से पहले ही बड़ा गिफ्ट मिल गया है। देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को इसका फायदा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी।

डीए में 3 फीसदी बढ़ोतरी के साथ अब यह 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो गया है। सरकार ने डीए और डीआर में बढ़ोतरी के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले को अपनाया है। इस बढ़ोतरी पर करीब 10,016 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डीए और डीआर की बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। ऐसे में कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक के एरियर का भुगतान मिलेगा।

कितनी बढ़ेगी सैलरी?
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक 18,000 रुपये है तो उसे 60% के हिसाब से 10,800 रुपये महंगाई भत्ता (डीए) मिल रहा था। अब यह बढ़कर 11,340 रुपये हो जाएगा। अगर किसी पेंशनर की बेसिक 9000 रुपये है तो उसे 60 फीसदी के हिसाब से अब तक 5400 रुपये महंगाई राहत (डीआर) मिलता था। यह अब बढ़कर 5,670 रुपये हो जाएगा।

6वें और 5वें वेतन आयोग वालों को भी राहत
सरकार ने 6वें और 5वें वेतन आयोग के वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। ये बढ़ोतरी भी 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।

7वां वेतन आयोग: डीए 60% से बढ़कर 63% होगा।

6वां वेतन आयोग: डीए 262% से बढ़कर 269% होगा।

5वां वेतन आयोग: डीए 483% से बढ़कर 497% होगा।

इन योजनाओं को भी मंजूरी
महंगाई भत्ते के अलावा कैबिनेट ने कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी दी है।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना: इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग योजना: इस योजना पर 1,856 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना: इसके लिए 7,395 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकारी खजाने पर कितना बोझ पड़ेगा?
कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब भरेगी, तो उसका खर्च सरकार के खजाने से जाएगा। अश्विनी वैष्णव की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, DA और DR की इस बढ़ोतरी पर सरकार का कुल सालाना खर्च 10,016 करोड़ रुपये होगा।

यह रकम दोनों हिस्सों को मिलाकर है। इसमें मौजूदा कर्मचारियों को मिलने वाला बढ़ा हुआ DA भी शामिल है और रिटायर हो चुके पेंशनर्स को मिलने वाली बढ़ी हुई DR भी। सरकार ने यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर बने उसी फॉर्मूले के आधार पर की है, जिसे पहले से मंजूरी मिली हुई है।

आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी?
अब बात उस सवाल की, जो हर सरकारी कर्मचारी के मन में सबसे पहले आता है। आखिर हर महीने कितने रुपये ज्यादा मिलेंगे? इसका जवाब आपकी बेसिक सैलरी में छिपा है। DA हमेशा बेसिक पे के प्रतिशत के हिसाब से मिलता है, इसलिए जिसकी बेसिक सैलरी जितनी ज्यादा होगी, उसका फायदा भी उतना ही बड़ा होगा।

सबसे पहले शुरुआती लेवल की बात करते हैं। जिस कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उसे अब तक 60% के हिसाब से 10,800 रुपये DA मिल रहा था। 63% होने पर यह बढ़कर 11,340 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने 540 रुपये ज्यादा। 25,500 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 15,300 रुपये से बढ़कर 16,065 रुपये हो जाएगा, यानी 765 रुपये का फायदा।

अब थोड़ा ऊपर चलते हैं। 30,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 18,000 रुपये से बढ़कर 18,900 रुपये हो जाएगा। इनकी जेब में हर महीने 900 रुपये ज्यादा आएंगे। 35,400 रुपये बेसिक वालों का DA 21,240 रुपये से 22,302 रुपये पर पहुंचेगा, यानी 1,062 रुपये महीने का फायदा। वहीं 40,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 24,000 रुपये से बढ़कर 25,200 रुपये हो जाएगा और उन्हें हर महीने 1,200 रुपये ज्यादा मिलेंगे।

मिडिल लेवल पर भी तस्वीर अच्छी है। 44,900 रुपये बेसिक सैलरी पर DA 26,940 रुपये से बढ़कर 28,287 रुपये होगा, यानी 1,347 रुपये का इजाफा। 50,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 30,000 रुपये से 31,500 रुपये हो जाएगा। इन्हें महीने में 1,500 रुपये ज्यादा मिलेंगे। 56,100 रुपये बेसिक पर DA 33,660 रुपये से बढ़कर 35,343 रुपये होगा, यानी 1,683 रुपये का फायदा।

अब ऊंचे लेवल की बात। 67,700 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का DA 40,620 रुपये से बढ़कर 42,651 रुपये हो जाएगा। इन्हें हर महीने 2,031 रुपये ज्यादा मिलेंगे। और अगर किसी की बेसिक सैलरी 1,00,000 रुपये है, तो उसका DA 60,000 रुपये से सीधे 63,000 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने पूरे 3,000 रुपये का फायदा।

DA बढ़ोतरी का हिसाब खुद कैसे लगाएं?
अगर आपकी बेसिक सैलरी ऊपर बताए गए किसी भी आंकड़े से मेल नहीं खाती, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका हिसाब लगाना बेहद आसान है। चूंकि DA बेसिक पे का प्रतिशत होता है, इसलिए 3 फीसदी बढ़ोतरी का मतलब है कि आपको अपनी बेसिक सैलरी का 3% हिस्सा हर महीने ज्यादा मिलेगा।

इसका फॉर्मूला है, DA में मासिक बढ़ोतरी = बेसिक पे × 3 ÷ 100। बस अपनी बेसिक सैलरी को 3 से गुणा करें और 100 से भाग दे दें। जो आंकड़ा आएगा, वही आपकी हर महीने की अतिरिक्त कमाई है।

इसे 18,000 रुपये बेसिक सैलरी के उदाहरण से समझते हैं। 60% के हिसाब से मौजूदा DA 10,800 रुपये बनता है। 63% के हिसाब से नया DA 11,340 रुपये होगा। दोनों के बीच का फर्क 540 रुपये है, जो हर महीने की बढ़ोतरी है। अगर इसे 12 महीनों में जोड़ें, तो साल भर में यह रकम 6,480 रुपये हो जाती है।

इसी तरह 56,100 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने 1,683 रुपये ज्यादा मिलेंगे। अगर नई दर पूरे साल लागू रहे, तो 12 महीनों में यह फायदा 20,196 रुपये तक पहुंच जाता है। यानी जो रकम महीने के हिसाब से छोटी दिखती है, वही साल भर में एक अच्छी खासी रकम बन जाती है।

साल में दो बार क्यों बढ़ता है DA, और DA-DR हैं क्या?
बाजार में हर चीज के दाम धीरे-धीरे ऊपर जाते रहते हैं। सब्जी हो, दूध हो या बच्चों की फीस, महंगाई का असर हर घर के बजट पर दिखता है। इसी असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है।

DA एक तरह का कॉस्ट-ऑफ-लिविंग एडजस्टमेंट है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है। DR इसी का दूसरा रूप है, जो पेंशनर्स को मिलता है। दोनों का मकसद एक ही है, बढ़ती कीमतों की मार से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना।

सरकार DA और DR में साल में दो बार बदलाव करती है, पहला जनवरी में और दूसरा जुलाई में। इस बार की 3 फीसदी बढ़ोतरी जुलाई 2026 वाले रिवीजन का हिस्सा है। यह पूरी बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित मंजूर फॉर्मूले के तहत की गई है। अप्रैल में 2 फीसदी और अब 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह साल दिवाली से पहले ही राहत भरा बन गया है।

खेल सामान बनाने वाली कंपनियों को मिलेगा समर्थन
खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 तक आठ साल चलेगी। इसका मकसद देश में खेलों का सामान बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देना है।

इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, बड़े निवेश को प्रोत्साहित करने और कारोबार बढ़ाने में मदद दी जाएगी। इसके अलावा मौजूदा औद्योगिक समूहों को भी समर्थन मिलेगा। योजना में उत्पादों की जांच और प्रमाणन, रिसर्च, कौशल विकास, स्टार्टअप, ब्रांडिंग और प्रचार पर भी काम किया जाएगा। इससे देश में खेल सामान के निर्माण और इससे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश होगी।

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