रायपुर
पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य हो गई है। शनिवार को प्रदेश में सामान्य बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में मौसम इसी तरह का बना रहेगा। आकाश में आंशिक बादल छाए रहने के साथ उमसभरी गर्मी बनी रहेगी। रायपुर, बिलासपुर व आसपास के क्षेत्रों में भी शुक्रवार जैसा ही मौसम रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने संभावना जतायी है कि शनिवार को प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से दी गई है। आने वाले 1-2 दिनों तक मौसम का हाल ऐसा ही बना रहेगा।
गर्मी ने किया बुरा हाल
राजनांदगांव में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान दुर्ग में 20 डिग्री रिकार्ड किया गया। बिलासपुर में 31 डिग्री, रायपुर में 32.8 डिग्री, पेण्ड्रारोड में 31.4 डिग्री, अंबिकापुर में 30.2 डिग्री और जगदलपुर में 29.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पिछले 24 घंटे में बिलासपुर का हाल
29 अगस्त शुक्रवार को शहर का मौसम दिनभर लोगों को परेशान करता रहा। बीच-बीच में हल्के बादल जरूर छाए, लेकिन धूप तेज बनी रही। नतीजतन उमसभरी गर्मी से लोगों को खासी दिक्कत हुई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.3 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की द्रोणिका बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेण्ड्रारोड, संबलपुर और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही विदर्भ और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी तक फैला है और ऊंचाई पर दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक और द्रोणिका विदर्भ व आंतरिक कर्नाटक से गुजर रही है। इनके असर से मौसम बदला हुआ है और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है।
बदलते मौसम का सेहत पर असर
स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर, रहें सतर्क बरसात के बीच उमसभरी गर्मी से लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। उमस की वजह से डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में चिकित्सक पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नींबू पानी और मौसमी फलों के रस का सेवन करने की सलाह देते हैं। धूप में निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो तो हल्के कपड़े पहनें और छाता या कैप का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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