मऊगंज
मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले बड़ा मामला सामने आया है। जहां मनरेगा प्रभारी नीतू सिंह पर नंदन फल योजना के तहत फायदा पहुंचाने की एवज में 4000 हजार रुपए की रिश्वत मांगती दिख रही है।
दरअसल, हितग्राही मंगल सिंह और त्रियुगीनारायण मिश्रा ने इस पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की है। फरियादी ने बताया कि वह छह महीने पहले मऊगंज जनपद आए थे। यहां पर उन्होंने सरकार की नंदन फल योजना के तहत पौधारोपण करने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन दिया था। जिसे पंचायत स्तर पर स्वीकृति मिल गई थी।
आगे फरियादी ने बताया कि आवेदन ईएश और टीएस भी हो गया था। फाइल मरेगा अतिरिक्त कर्मचारी नीतू सिंह के पास पहुंची थी। उन्होंने छह महीने बीत जाने के बाद भी जियो टैगिंग नहीं की।
योजना का फायदा लेने के लिए देने होंगे 4 हजार रुपए
फरियादी ने बताया कि जब वह एक महीने पहले नीतू सिंह के चेंबर में गए थे। वहां पर उन्हें बैठाया गया और कहा कि यदि योजना का फायदा लेना है तो 4 हजार रुपए देने होंगे। तब हमारे पास केवल 3 हजार रुपए ही थे। जो कि नीतू सिंह को दे दिए। इसके बाद नीतू सिंह ने पैसे अपने हाथ में लेकर गिने और अलमारी में रख दिए। बावजूद इसके उन्होंने 500 रुपए और मांगने की बात कही।
इस पूरे मामले पर सीईओ मऊगंज रामकुशल मिश्रा ने कहा कि जिला पंचायत सीईओ ने वायरल वीडियो मुझे भेजा है। जांच कर रिपोर्ट मांगी है। एक-दो दिन में मैं जांच कर रिपोर्ट भेजूंगा, जो कलेक्टर के पास जाएगी।
हालांकि, पत्रिका इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
इधर, कलेक्टर संजय कुमार जैन ने वायरल वीडियो को संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत रीवा के सीईओ को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

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