भोपाल
मध्यप्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण और सह-अस्तित्व के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक "राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह" का आयोजन वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में वृहद स्तर पर किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन की थीम मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व रखी गई है। वन्यजीव सप्ताह 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वन विहार की गोल्फ ई-कार्ट का फ्लैग ऑफ किया जाएगा। इसके साथ ही वन विहार को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया जाएगा, जिसमें अब निजी वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। पर्यटकों को पार्क में घूमने के लिए गोल्फ कार्ट्स और साइकिल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
1 अक्टूबर को होंगे विशेष आयोजन
प्रथम दिवस 1 अक्टूबर को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:30 बजे से किया जाएगा, जिसमें विद्यालयीन, महाविद्यालयीन और दिव्यांग विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके पश्चात 10:50 बजे से “भारत के वन्यजीव, उनका रहवास और आपसी संचार” विषय पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा।
7 दिवसीय कार्यक्रम में होंगी अनेक गतिविधियां
रन फॉर वाइल्डलाइफ ,बर्ड वॉचिंग,बटरफ्लाई वॉचिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता,युवा संसद,ट्रेजर हंट,फेस पेंटिंग,रंगोली और सृजनात्मक कार्यशालाएं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240
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