February 26, 2026

समय पर सहायता से मजबूत होगा किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

रायपुर

समय पर सहायता से मजबूत होगा किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

होली का त्योहार इस बार  किसानों के लिए सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि समृद्धि और खुशहाली की सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पहले एकमुश्त देने के निर्णय ने गांव-गांव में उत्साह का माहौल बना दिया है। यह राशि किसानों के जीवन में आर्थिक राहत के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है।
     
कबीरधाम जिले के ग्राम खिरशाली के किसान  मूलचंदन पाटिल के लिए यह निर्णय किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इस वर्ष धान खरीदी केंद्र में 31.20 क्विंटल धान बेचा था, जिसकी समर्थन मूल्य की राशि उन्हें समय पर बैंक खाते में मिल गई। अब अंतर राशि भी होली से पहले मिलने की खबर से उनके परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई है।  पाटिल बताते हैं कि इस बार खरीदी केंद्र में पूरी प्रक्रिया सहज और व्यवस्थित रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। वे कहते हैं कि इस राशि से वे अपने बच्चों के लिए नए कपड़े, घर की आवश्यक सामग्री और त्योहार के लिए रंग-गुलाल खरीद सकेंगे।
     
ग्राम छांटा के किसान  भोलाराम चंद्रवंशी ने बताया कि 5.57 एकड़ में धान तथा शेष भूमि में गन्ने की खेती करते हैं। इस सीजन उन्होंने 84.40 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। वे बताते हैं कि समय पर भुगतान मिलने से उन्हें आर्थिक चिंता नहीं रही और अब होली से पहले अंतर राशि मिलने से घर की आवश्यक जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ खेती के कामों में भी सुविधा होगी। उनका कहना है कि त्योहार के समय यह राशि मिलना परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत है।
      
इसी तरह ग्राम मोटियारी के किसान  मेलनराम जायसवाल ने भी सरकार के इस निर्णय पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस वर्ष लगभग 212 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। मूल भुगतान उन्हें पहले ही मिल चुका है, लेकिन अंतर राशि होली से पहले मिलने की घोषणा ने उनकी आर्थिक योजनाओं को नया बल दिया है। उनका कहना है कि होली के बाद खेती का नया सीजन शुरू हो जाता है, ऐसे में यह राशि पारिवारिक जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी के कार्यों में बहुत उपयोगी साबित होगी। वे इस राशि से ट्रैक्टर ट्रॉली खरीदने की योजना बना रहे हैं, जिससे खेती का काम आसान होगा और आय के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
    
किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय उनकी जरूरतों को पूरा करती है। होली से पहले आर्थिक सहायता मिलने से न केवल त्योहार की खुशियां दोगुनी हुई हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल से समय पर मिला सहयोग किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे त्योहार भी खुशहाल, खेती भी सशक्त और भविष्य भी सुरक्षित होगी।

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