साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। यह ग्रहण भारत समेत पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक निर्णय और स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर पर कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों पर संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय।
कर्क राशि: धन और स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी
कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अधिक माना जाता है। ग्रहण आपके धन भाव में प्रभाव डाल सकता है, जिससे आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। वाणी पर संयम रखें, सामाजिक या पारिवारिक विवाद से बचें। आंख, गला या पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
उपाय: चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें और सोमवार को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।
कन्या राशि: खर्च बढ़ने की आशंका
कन्या राशि के लिए यह ग्रहण द्वादश भाव (हानि भाव) में प्रभाव डालेगा। इस कारण संचित धन खर्च हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर खर्च बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें और ऑफिस राजनीति से दूरी बनाए रखें। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।
उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ रहेगा।
मीन राशि: शत्रु पक्ष से सावधान
मीन राशि के लिए ग्रहण छठे भाव में प्रभाव डालेगा, जो शत्रु और ऋण का भाव माना जाता है। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए कार्यों में सावधानी रखें। ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहें, धोखाधड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अनावश्यक खर्च और गलत संगति से बचें।
उपाय: नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और गरीबों को दान करें।
ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?
क्या करें:
मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करें।
ग्रहण के बाद स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान दें।
क्या न करें:
ग्रहण काल में भोजन पकाने या खाने से बचें (धार्मिक मान्यता अनुसार)।
बड़े आर्थिक फैसले टालें।
नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
चंद्र ग्रहण को ज्योतिष में संवेदनशील समय माना जाता है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है, फिर भी कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को 3 मार्च 2026 के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उचित उपाय अपनाकर संभावित नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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