नई दिल्ली
राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर चल रही बहस गुरुवार को स्थगित कर दी गई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि बाकी चर्चा सोमवार को दोपहर 1 बजे होगी। यह फैसला संसद में होने वाली प्रार्थना सभा को देखते हुए लिया गया, जिसके कारण सदस्यों को अपनी बात बीच में ही रोकनी पड़ी। किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि कई सदस्यों ने इस विषय पर पहले ही बात कर ली थी, लेकिन तय समय में बहस पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि सांसदों को प्रार्थना सभा में हिस्सा लेना है, इसलिए चुनाव सुधारों पर बाकी चर्चा सोमवार को दोपहर 1 बजे होगी और सदस्यों से सोमवार को फिर से इकट्ठा होने का अनुरोध किया। चुनाव सुधारों पर चर्चा शुक्रवार को नहीं होगी, क्योंकि यह दिन प्राइवेट मेंबर्स बिल के लिए तय है। इसके बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने शाम 4 बजे सदन को शुक्रवार तक के लिए संसद को स्थगित कर दिया। चुनाव सुधारों पर बहस मौजूदा सत्र की सबसे गरमागरम चर्चाओं में से एक रही है, जिसमें विपक्षी सांसदों ने मतदाताओं के नाम हटाने, चुनावी सूचियों में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है। आप सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता अजय माकन और जयराम रमेश, और भाजपा सांसदों में सुधांशु त्रिवेदी और जेपी नड्डा ने अपनी राय रखी है और भारत के लोकतंत्र की स्थिति पर बिल्कुल अलग-अलग विचार पेश किए।
जहां विपक्षी सदस्यों ने मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने, मतदान के आंकड़ों में विसंगतियों और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, वहीं सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने भारत की चुनावी प्रणाली की मजबूती का बचाव किया है और ईवीएम, वोटर आईडी और सीसीटीवी निगरानी जैसे तकनीकी सुरक्षा उपायों का हवाला दिया है।
बहस को फिर से शेड्यूल करके, किरेन रिजिजू यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि जिन सदस्यों ने नोटिस दिए थे और अपनी बात रखने की तैयारी की थी, उन्हें अपने विचार पेश करने के लिए पर्याप्त समय मिले। सोमवार के सत्र में और भी गरमागरम बहस होने की उम्मीद है, जिसमें दोनों पक्ष चुनावी निष्पक्षता, सुधारों और संवैधानिक अधिकारियों की भूमिका पर अपने-अपने तर्कों को और मजबूत करेंगे।

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