February 24, 2026

Stock Market Crash: अमेरिका में भूचाल, भारत में भी Sensex में 700 अंकों की गिरावट

मुंबई 

अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हाहाकार का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया था और डाउ जोंस 821 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इस बीच एशियाई बाजारों से भारत के लिए मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे और जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की, तो BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. इसके अलावा NSE Nifty टूटकर 25,600 के नीचे कारोबार करता हुआ दिखा. बात करें, सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की तो बाजार में गिरावट से टेक शेयर पर दिखा, Infosys, TCS, HCL और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स धड़ाम नजर आए. 

सेंसेक्स-निफ्टी अचानक क्रैश
शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटकर खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,294.66 की तुलना में गिरावट लेकर 83,052 के लेवल पर खुला, लेकिन फिर कुछ ही मिनटों में Sensex करीब 717 अंक फिसलकर 83,577 पर ट्रेड करता नजर आया. 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. Nifty-50 ने अपने पिछले कारोबारी बंद 25,713 की तुलना में गिरावट के साथ 25,641 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया था और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट दिखाई देने लगी और ये 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 25,507 के स्तर पर आ गया. 

ताश के पत्तों की तरह बिखरे बड़े शेयर 
शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच जो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (4%), Eternal Share (3.90%), Infosys Share (3.50%), Tech Mahindra Share (3.20%), TCS Share (3.10%), Bharti Airtel Share (3.05%) सबसे आगे रहे. खासतौर पर आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही क्रैश (IT Stock Crash) दिखाई दिए. 

मिले-जुले आए थे विदेशी संकेत 
बता दें कि Donald Trump के नए टैरिफ अटैक से दुनिया में फिर से टेंशन बढ़ची हुई नजर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति के सख्त तेवरों से खुद US Stock Market भी सहमा दिखा. अमेरिका बाजार में सोमवार को आए क्रैश के बाद मंगलवार को भारत के लिए विदेशों से मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे था. दरअसल, जहां जापान का निक्केई इंडेक्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग, जर्मनी और ब्रिटेन का मार्केट गिरावट मं ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा है. 

ये भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण
US Tariff से ग्लोबल टेंशन में इजाफे के साथ मिले-जुले कमजोर ग्लोबल संकेतों ने तो सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव डाला ही है, लेकिन अगर भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेज गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को देखें, तो घरेलू आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा सकता है, क्योंकि मार्केट टूटने के बीच सबसे ज्यादा IT Stock Crash हुए हैं. 

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