February 18, 2026

स्मार्ट होम की ओर कदम: IIT इंदौर ने बनाई खुद-ब-खुद सोचने वाली खिड़कियां

इंदौर 

अब घर या ऑफिस की खिड़कियों पर भारी पर्दे लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइआइटी इंदौर के वैज्ञानिकों ने ऐसी ‘स्मार्ट ग्लास तकनीक विकसित की है, जो कमरे में आने वाली धूप और गर्मी को अपने आप कंट्रोल कर लेगी। यह इनोवेशन आम लोगों के घर, ऑफिस और भवनों को स्मार्ट व एनर्जी सेविंग बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। खास स्मार्ट ग्लास एक छोटे से बिजली संकेत से काम करता है।

जैसे ही सूरज तेज होता है, यह कांच गहरा रंग ले लेता है ताकि धूप और गर्मी अंदर न आए। ठंड में या जब रोशनी कम हो तो यह ग्लास फिर से पारदर्शी हो जाता है, जिससे प्राकृतिक रोशनी और गर्माहट आसानी से अंदर आ सके। इससे न सिर्फ एयर कंडीशनिंग और लाइटिंग की जरूरत कम होती है, बल्कि बिजली का बिल भी घटता है।

कैसे काम करेगा स्मार्ट ग्लास

स्मार्ट ग्लास की सतह पर कोटिंग की जाती है, जिसे स्प्रे या डिप-कोटिंग तकनीक से लगाया जाता है। दो पतली पारदर्शी मेटल परतों के बीच रखा जाता है, जो बिजली के संकेत मिलने पर ग्लास की स्थिति को बदल देती है।

क्या है तकनीक

यह स्मार्ट ग्लास आइआइटी इंदौर की कैमेस्ट्री विज्ञान विभाग की प्रो. सुमन मुखोपाध्याय और फिजिक्स विभाग के प्रो. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में बना है। इस पर शोधकर्ता डॉ. सायंतन सरकार काम कर रहे हैं। उन्होंने एक नया पोरस ऑर्गेनिक पॉलिमर तैयार किया है, जो बिजली के संपर्क में आते ही ग्लास का रंग और पारदर्शिता बदल देता है।

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