शाजापुर
शाजापुर। किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव मामले में 12 कांग्रेसियों खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर लालघाटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था।
इन पर हुआ मामला दर्ज
लालघाटी पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व कर रहे है कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कांग्रेस के कालापीपल के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 223(ए), 132,191,(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर साधा निशाना
कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शाजापुर प्रशासन एक बार फिर गुलामी पर लग चुका है। सरकार किसानों का गेहूं नहीं खरीद पा रही है और ऐसे मामले पर जब कांग्रेस किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करती है तो प्रशासन के द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सीधा जवाब दो कब किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, कब वसूली बंद की जाएगी। ना हम अंग्रेजों से डरे ना आप से डरेंगे। हमें जेल में डालकर आप खुश होंगे तो हमें जेल में डाल दीजिए, लेकिन किसानों का पैसा दो, किसानों के कर्ज को माफ करो।
भारी पुलिस बल के बावजूद चूक
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 5 निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 4 सहायक निरीक्षक, 10 प्रधान आरक्षक, 12 आरक्षक और 5 महिला आरक्षक सहित करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीएम मनीषा वास्कले सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों का कलेक्टर कक्ष तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
एफआईआर पर पर्दा डालने की कोशिश?
मामले में यह भी सामने आया कि पुलिस प्रशासन शुरुआती स्तर पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी को सार्वजनिक करने से बचता रहा। थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने पहले प्रकरण दर्ज होने से इनकार किया, लेकिन बाद में दस्तावेज सामने आने पर कार्रवाई की पुष्टि हुई।
इन नेताओं पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी समेत मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान, इरशाद नागौरी, शकील वारसी, आशुतोष शर्मा और कमल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(ए), 132 और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने शुक्रवार से धरपकड़ शुरू करने के संकेत दिए हैं।
SP बोले—TI देंगे जवाब
सुरक्षा में चूक के सवाल पर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने जिम्मेदारी थाना प्रभारी पर डालते हुए कहा कि मौके की पूरी स्थिति और तैनाती की जानकारी टीआई ही स्पष्ट करेंगे। वहीं, थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
कांग्रेस का तेवर बरकरार
दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुल मिलाकर, शाजापुर की यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सियासी टकराव दोनों का बड़ा मुद्दा बन गई है, जिस पर आने वाले दिनों में और गर्माहट देखने को मिल सकती है।

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