नई दिल्ली
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट ने कई सवाल खड़े किए खासकर भारत की बैटिंग असफलता और साउथ अफ्रीका के प्रभावशाली गेंदबाजों को लेकर। हालांकि इस लो-स्कोरिंग मुकाबले में एक बार फिर जसप्रीत बुमराह ने साबित किया कि वह किसी भी कंडीशन, किसी भी सिचुएशन में भारत के सबसे भरोसेमंद बॉलर हैं। पूर्व भारतीय विकेटकीपर सबा करीम ने उनके स्वभाव, फिटनेस और मैच-इंटेलिजेंस की खुलकर तारीफ़ करते हुए कहा कि बुमराह उन गेंदबाजों में से हैं जो सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं और मुश्किल पलों में टीम की ढाल बनते हैं।
बुमराह: हर कंडीशन में भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज
सबा करीम का मानना है कि जसप्रीत बुमराह केवल उन चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिन पर उनका नियंत्रण होता है। चाहे विकेट बल्लेबाज़ों के लिए कितना भी मुश्किल या आसान क्यों न हो, बुमराह अपने नैचुरल स्किल और वेरिएशन्स से असर डालना जानते हैं। करीम के मुताबिक, "बुमराह के लिए पिच कम मायने रखती है। उनके पास वो खासियत है जिससे वे पार्टनरशिप तोड़ते हैं और टीम को सही समय पर सफलता दिलाते हैं। पहली और दूसरी—दोनों इनिंग्स में वो कप्तान के सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं।" उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि बुमराह ने ईडन टेस्ट में लंबे स्पेल डाले, फिट नजर आए और विकेट लेने की भूख भी साफ दिखाई दी।
पहले टेस्ट की हार, पर बुमराह बने भारत के मजबूत स्तंभ
ईडन गार्डन्स टेस्ट तीन दिनों में समाप्त हो गया जहां दोनों टीमों के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। भारत 124 रन के छोटे टारगेट तक नहीं पहुंच पाया और 30 रन से हार गया। इसके बावजूद, बुमराह पूरे मैच में लगातार साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव बनाते रहे। करीम ने कहा कि इंडियन मैनेजमेंट ने उनका उपयोग सही तरीके से किया, हालांकि अंतिम दिन उन्हें थोड़ा देर से अटैक पर लाया गया।
यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी पर सबा करीम की सलाह
सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, सबा करीम ने टीम के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल के एप्रोच पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जायसवाल का अटैकिंग माइंडसेट अच्छी बात है, लेकिन शॉट सिलेक्शन परिस्थिति के अनुसार होना चाहिए। करीम के अनुसार, "अप्रोच आक्रामक हो सकता है, लेकिन शॉट चुनने में मैच सिचुएशन और पिच की भूमिका अहम होती है। पहली इनिंग में जायसवाल अधीर दिखे और कंडीशन्स के मुताबिक अप्रोच एडजस्ट नहीं किया।" उन्होंने यह भी कहा कि आगे बढ़ते हुए जायसवाल को अपने स्कोरिंग पैटर्न में लचीलापन लाना होगा। बड़े रन बनाने के लिए कई बार शुरुआत धीमी रखकर इनिंग को सेट करना पड़ता है।
भारत अब गुवाहाटी में वापसी की कोशिश करेगा
पहला टेस्ट गंवाने के बाद भारत की नजर अब गुवाहाटी में होने वाले दूसरे मुकाबले पर है। यह दो मैचों की सीरीज को बराबर करने का आखिरी मौका होगा। साउथ अफ्रीका 2010 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट जीत चुका है और आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है।

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