रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्या., रायपुर द्वारा संचालित महामाया गृह निर्माण प्रा. लि. डुमरतराई स्थित एल.के. लॉजिस्टिक पार्क फेस–02, धमतरी रोड, रायपुर में स्थापित गोदाम का अवलोकन आज माननीय ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया।
इस अवसर पर ग्रामोद्योग सचिव श्याम धावड़े ने मंत्री जी को जानकारी दी कि राज्य के बुनकरों द्वारा गणवेश वस्त्र, रेडीमेड गणवेश, धागा चादर, दरी, सेलुलर डील मच्छरदानी, जेकार्ड पर्दा, बस्ता, क्लॉथ, पोलिएस्टर साड़ी, मेडिकल चादर और ग्रीन क्लॉथ सहित लगभग 60 प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में संघ के पास रंगीन चादर लगभग 4.00 लाख नग, उलन कंबल 1.69 लाख नग, पोलिएस्टर साड़ी 1.90 लाख नग, दरी 18 हजार नग तथा अन्य हाथकरघा वस्त्र एवं सामग्री सहित कुल 225 करोड़ रुपये का वस्त्र स्टॉक उपलब्ध है।
माननीय मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में आपूर्ति हेतु केवल राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित वस्त्रों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे राज्य के कुटीर एवं हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।अवलोकन के दौरान मंत्री जी के ओ.एस.डी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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