भोपाल
विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे युवा विधायक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ पालन करें। इस तथ्य को रेखांकित करते हुए राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में युवा विधायकों ने पांच संकल्प लिए। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत 2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में ये संकल्प लिए गए। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत 2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये। समापन सत्र में उप सभापति राज्यसभा हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए।
डॉ. राहुल कराड़ ने बताया एआई का महत्व
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया। सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक सर्व डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, सु रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से मती विद्यावती सिदार, राजस्थान से थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, महापौर मती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
युवा विधायकों के पांच संकल्प
संकल्प – 1
हम, युवा विधायक सम्मेलन में यह दृढ संकल्प लेते है कि लोकतंत्र की सशक्तता का मूल आधार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है। अत: एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के निर्माण में हम युवा विधायक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे।
संकल्प – 2
हम, युवा विधायक समाज की नई ऊर्जा, नवाचार और परिवर्तन की सोच का प्रतिनिधित्व करते हुये नागरिकों और शासन के बीच सेतु का कार्य करेगे, हम जनसरोकारों को समझकर आम जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुँचायेंगे तथा पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी नीतियों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायेंगे ताकि लोकतांत्रिक संस्थायें जनता के प्रति उत्तरदायी हो सके।
संकल्प – 3
हम, नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाने हेतु सतत्/सार्थक प्रयास करेंगे ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लें. तकनीक और नवाचार का उपयोग कर शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियाँ बनाने एवं युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को सशक्त बनाने हेतु सक्रिय भूमिका निभायेंगे जिससे जनता और उनकी विधायिकाओं के बीच प्रभावी संपर्क स्थापित हो सके तथा सार्थक सहभागी शासन सुनिश्चित किया जा सके।
संकल्प – 4
हम युवा विधायक, राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी, सामाजिक असमानताएँ और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करते हुये ईमानदारी, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के साथ कार्य करने के लिये दृढ संकल्पित रहेंगे, ताकि हमारे राष्ट्र की लोकतांत्रिक परम्परायें और मूल्य और अधिक गहरे तथा सशक्त बन सके।
संकल्प – 5
हम यह भी संकल्प लेते हैं कि हम स्वयं भी एक जागरूक नागरिक बनेंगे, विधायिकाओं में होने वाली बहसों और चर्चाओं में जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शोध एवं अनुसंधान सहायता को सुदृढ करेंगे. लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करेंगे जो देश को विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ाए।

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