भोपाल
इंदौर की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों में फेस अटेंडेंस (चेहरे से उपस्थिति) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर निगमों को पत्र लिखेगा। दरअसल, निगमों में कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिकॉर्ड में कर्मचारी सेवारत है लेकिन वे ड्यूटी पर कभी-कभार ही आते हैं।
प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था
कई कर्मचारी तो निगम के रिकार्ड में होकर मंत्री और अधिकारियों के बंगलों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग यह अनिवार्यता करने जा रहा है कि निगम के अधिकारियों से लेकर प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की चोरी रोकने के लिए भी व्यवस्था का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।
नगरीय निकायों में भी लागू कराया
बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में भी फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। नगर निगम के बाद नगरीय निकायों में भी इसे लागू कराया जा रहा है।
अधिकांश नगर निगमों में फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब तक 70 हजार कर्मचारी इसके दायरे में लाए जा चुके हैं। इसके अलावा कर्मचारी जहां है उसे अपने मोबाइल से आन ड्यूटी उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य है। इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। इससे फर्जी लोग कम हो जाएंगे और समय पर वेतन मिलेगा। – संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास

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