नई दिल्ली
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए बिहार और हरियाणा में एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया है. यह मामला आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) और अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़ी चल रही आतंकी साजिश की जांच से संबंधित है. इस मामले को एनआईए की पटना शाखा ने दर्ज किया था. यह जांच भारत में आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कट्टरता, भर्ती और फंडिंग गतिविधियों पर केंद्रित है.
केस 2025 की शुरुआत में शुरू किया गया था, जिसमें एफआईआर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज की गई थी.
एनआईए ने हरियाणा और बिहार को मिलाकर कुल 22 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. तलाशी का मकसद मामले से जुड़े सबूत और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना था. एफआईआर आतंकवाद को बढ़ावा देने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी.
अहम सामग्री मिलने की संभावना…
तलाशी के दौरान एनआईए को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री मिलने की संभावना है. ये वस्तुएं आईएसआईएस से जुड़े इस आतंकी साजिश की जांच में महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकती हैं, जिससे कट्टरता, भर्ती और फंडिंग नेटवर्क को समझने में मदद मिलेगी.

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