भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित 6 जिलो के किसानों को फसल क्षति की राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रूपये की राशि अंतरित करेंगे। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार, खण्डवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 ग्रामों के किसानों को अतिवृष्टि, बाढ और पीला मौजेक कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की राहत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे।
बड़ौदा में इन कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बडौदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 2 करोड 75 लाख रूपये की लागत से सेसईपुरा में निर्मित आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही 14 करोड 80 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले नर्सिग कॉलेज भवन, 14 करोड 95 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय, 96 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले बागवानी और खाद प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केन्द्र, ग्राम लहरौनी में 2 करोड 61 लाख, ग्राम बलावनी में 2 करोड 53 लाख एवं डाबीपुरा में 2 करोड 49 लाख की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभिन्न योजनाओ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा।
मुरैना में इन कार्यों की देंगें सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना में 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगे। इस महाविद्यालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस चिकित्सालय के माध्यम से आसपास के लगभग 20 ग्रामों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ एवं अम्बाह का लोकार्पण भी करेंगे। वर्तमान में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ में 812 विद्यार्थी तथा सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बाह में 1799 विद्यार्थी नामांकित हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय मुरैना का लोकार्पण करेंगे। इसके माध्यम से अनुविभाग मुरैना के अंतर्गत आने वाले 182 ग्रामों की लगभग 7 लाख 52 हजार आबादी को सुविधा होगी। अम्बाह में 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। यह छात्रावास 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240