भोपाल
प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में दो वर्ष के लिए 100 प्रतिशत छूट बढ़ा सकती है। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने परिवहन विभाग को अभिमत के लिए पत्र लिखा है। यहां से अभिमत मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
पहले दी गई थी एक साल की छूट
पिछले वर्ष मार्च 2025 में राज्य सरकार ने ईवी नीति लागू करते हुए इलेक्ट्रिक दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में एक वर्ष की छूट दी थी। यह छूट 27 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है। अब इसे दो वर्ष तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
रेट्रोफिटिंग पर भी मिल सकती है राहत
ईवी नीति में 15 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने पर दी गई छूट भी समाप्त हो गई है। इसके तहत दो पहिया पर 5 हजार, तीन पहिया पर 10 हजार और कार पर 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान था। इस छूट को बढ़ाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
पांच शहरों को बनाया जाएगा मॉडल शहर
नीति के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही नीति अवधि के अंत तक 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
कमर्शियल वाहनों को 2027 तक छूट
कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे ई-बस, ट्रक, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को वाहन कर और पंजीयन शुल्क में दी गई छूट 2027 तक जारी रहेगी।
अधिकारियों का क्या कहना
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे का कहना है कि ईवी पर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में दो वर्ष के लिए 100 प्रतिशत छूट बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। इससे पहले परिवहन विभाग से अभिमत लिया जा रहा है।

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