नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने इस एयरपोर्ट की विशेषताओं पर जिक्र करते हुए बताया कि इस एयरपोर्ट पर हर दो मिनट में एक फ्लाइट लैंड करेगी। इस तरह इस एयरपोर्ट पर हर घंटे 30 फ्लाइट का आना-जाना होगा। हर साल इस एयरपोर्ट से 1 करोड़ से ज्यादा यात्री यात्रा करेंगे और ढाई लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कार्गो ढुलाई हर साल इस एयरपोर्ट से होगी। ऐसे में कहा जा सकता है कि जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 'धुरंधर' है। आइए जानते हैं इस एयरपोर्ट में क्या-क्या खास बाते हैं।
हर साल एक करोड से ज्यादा यात्री करेंगे सफर
जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट हर साल सफर करने वाले यात्रियों की संख्या केलिहाज से भी काफी बड़ा है। इस एयरपोर्ट से हर साल करीब 1 करोड़ 20 लाख यात्री सफर करेंगे। शुरुआती चरण में एक करोड़ 20 लाख यात्रियो के बाद जब इसके चारों चरण का काम पूरा हो जाएगा तो इसकी यात्री क्षमता हर साल के हिसाब से करीब 7 करोड़ हो जाएगी।
2.5 लाख मीट्रिक टन की है कार्गो ढुलाई क्षमता
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ना सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि कार्गे ढुलाई के हिसाब से भी काफी बड़ा एयरपोर्ट है। इस एयरपोर्ट से हर साल करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो माल ढुलाई की जा सकेगी। इसके साथ ही इसका विस्तार भी किया जा सकता है। इसे बाद में बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है।
सड़क, मेट्रो और ट्रेन से सीधा जुड़ा है ये एयरपोर्ट
इस एयरपोर्ट की सबसे खास बात है कि ये मेट्रो, सड़क मार्ग और ट्रेन के साथ ही क्षेत्रीय परिवहन के साथ सीधे तौर पर जुड़ा है। इससे एकीकृत ट्रांसपोर्ट ट्रांजिट मॉडल बनता है, जिसमें सामान ढुलाई में काफी आसानी हो जाएगी।
भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में से एक
जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है। ग्रीनफील्ड का अर्थ है ऐसा प्रोजेक्ट जिसे बिल्कुल शुरुआत से नई जमीन का अधिग्रहण करके बनाया जा रहा हो या बनाया गया हो।
अप्रैल अंत तक हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद
नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन अप्रैल अंत तक शुरू होने की संभावना है। यहां से 65 शहरों के लिए सेवा शुरू करने का दावा है। पहले चरण में देश के 10 शहरों के लिए सेवा शुरू होगी। शुरुआत में केवल घरेलू और कार्गो उड़ानें ही संचालित की जाएंगी। इसमें शुरुआती चरण में जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मुंबई, बंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा, जयपुर के लिए फ्लाइट्स की शुरूआत की जाएगी।
ये एयरलाइंस देंगी सेवाएं
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने विमान सेवा के लिए इंडिगो, अकासा और एयर इंडिया के साथ साझेदारी की है। ये तीनों एयरलाइंस अपने स्टॉल की प्रक्रिया में लगी हैं। वैसे तो एयरपोर्ट से 60 से 65 शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने का दावा है, लेकिन शुरुआत में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, जयपुर एवं अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा आदि के लिए सेवा शुरू होगी।
वहीं, एयरपोर्ट का रनवे प्रति घंटे करीब 30 उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता रखता है। उड़ानें शुरू होने का शेड्यूल जारी करने के साथ ही एयरलाइंस अपना शेड्यूल जारी करेंगी, जिसके बाद टिकट बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयरपोर्ट को छह मार्च को 18 शर्तों के आधार पर एयरोड्रम लाइसेंस दिया था। साथ ही, उड़ानें शुरू करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया था, जो छह मार्च से गिने जाएंगे। एयरपोर्ट से 20 अप्रैल के बाद उड़ानें शुरू करने की तैयारी जारी है।
ये सुविधाएं भी मिलेंगी
नोएडा के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैठने के लिए बांस की कुर्सियों का इस्तेमाल किया गया है। चेहरे की पहचान और क्यूआर कोड के माध्यम से डिजीयात्रा को भी आसान बनाया गया है। इसके अलावा डोमेस्टिक टर्मिनल में लाउंज की सुविधा दी गई है और यहां खानपान की भी सुविधा की गई है। इसके अलावा टर्मिनल बिल्डिंग में ए6-ए12 गेट की तरफ जाने के लिए यात्रियों को स्केलेटर्स और सीढ़ियां दोनों मिलेंगी। इस क्षेत्र में ही बेबी केयर रूम भी बनाया गया है।

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