चीन
चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान एक आकर्षक नजारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य नेता एक मंच पर नजर आए। तियानजिन में आधिकारिक स्वागत समारोह के दौरान ये नेता एक फोटो फ्रेम में खड़े नजर आए। अब यह तस्वीर दुनिया भर में तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक विश्लेषक इसे मायने तलाशने में जुट गए हैं। कहा जा रहा है कि इस एक तस्वीर ने अमेरिका समेत दूसरे शक्तिशाली देशों को मजबूत संदेश देने का काम किया है।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है। इसकी स्थापना 2001 में शंघाई में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान की ओर से की गई थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने, जबकि ईरान 2023 में शामिल हुआ। एससीओ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सहयोग, आर्थिक विकास, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। यह संगठन सदस्य देशों के बीच सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और खुफिया जानकारी साझा करने पर जोर देता है। एससीओ का मुख्यालय बीजिंग में है और इसकी आधिकारिक भाषाएं रूसी और चीनी हैं।
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात
इससे पहले, पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया। वैश्विक व्यापार को स्थिर करने की दिशा में काम करने का भी संकल्प लिया। मोदी और जिनपिंग एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर हुई बातचीत के दौरान इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि विकास में साझेदार हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों पक्षों के बीच मतभेद विवादों में नहीं बदलने चाहिए। दोनों नेताओं ने अमेरिका की टैरिफ संबंधी नीति के कारण पैदा हुई आर्थिक उथल-पुथल के बीच वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में अपनी अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को भी स्वीकार किया।

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