महासमुंद
मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और नियमों में संशोधन किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा नेहरू चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेसियों का आरोप है कि मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ में एक हजार करोड़ रुपये के कार्य होते थे, जिससे सैकड़ों मजदूरों को रोजगार मिलता था। लेकिन केंद्र सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत अंशदान देने का नियम बनाया है। जबकि कोई भी राज्य सरकार 40 प्रतिशत अंशदान देने की स्थिति में नहीं है। इससे मजदूरों को रोजगार मिलना बंद हो जाएगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर नियमों में बदलाव कर दिया गया है। केंद्र की मोदी सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है।

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