लखनऊ.
मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध की परिस्थितियों ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता पर संकट के बादल गहरा दिए हैं। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने बड़े फैसले लिए हैं। ताजा निर्देशों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) के कोटे में भी 20 से 25 फीसदी तक की कटौती का निर्देश दिया गया है। कामर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक के कारण शादी विवाह वाले घरों में संकट गहरा गया है। सोमवार को पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में इन बंदिशों की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युद्ध के चलते बिगड़ रहे वैश्विक हालातों को देखते हुए गैस की राशनिंग अनिवार्य हो गई है। अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और पटरी कारोबारियों को 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर आसानी से नहीं मिल सकेगा। इसकी आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है। हालांकि, मानवीय आधार पर केवल अस्पतालों और छात्रावासों (Hostels) को ही विशेष अनुमति के साथ कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से होटल और खान-पान के कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
घरेलू गैस के लिए '12 सिलेंडर' का सख्त नियम
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी अब सिलेंडर पाना आसान नहीं होगा। पेट्रोलियम कंपनियों ने 'एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर' के पुराने नियम को अब कड़ाई से लागू कर दिया है। जिन उपभोक्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में अपने कोटे के 12 सिलेंडर ले लिए हैं, उनकी नई बुकिंग पर सिस्टम ने ऑटोमेटिक रोक लगा दी है। इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब केवल टोल-फ्री नंबर और आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए ही बुकिंग स्वीकार की जा रही है। सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी (OTP) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ओटीपी वेरिफिकेशन के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।
अधिकारियों का पक्ष और आगामी समीक्षा
इस संकट पर स्थानीय अधिकारी फिलहाल संभलकर बयान दे रहे हैं। गोरखपुर के जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर पर रोक की लिखित पुष्ट सूचना अभी कंपनियों से प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मंगलवार को पेट्रोलियम कंपनियों और एजेंसी संचालकों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गैस के स्टॉक, राशनिंग और आपूर्ति की खामियों की समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।

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