गरियाबंद
दोस्तों के साथ घुमने आई रायपुर की युवती गजपल्ला वाटरफॉल की गहराई में समा गई है. 24 घंटे बाद भी उनका शव नहीं निकाला जा सका है. युवती का शव 20 फीट गहराई में पत्थरों के सुरंग के बीच फंसा हुआ है. वन विभाग, नगर सेना, पुलिस और स्थानीय गोताखोर के 60 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे हैं. वहीं इस हादसे के बाद चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल में पर्यटकों के आने पर प्रशासन ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.
सोमवार को लगभग 4 बजे गजपल्ला वाटर फॉल के गहराई में रायपुर की 19 वर्षीय मेहवीस खान गिरी थी. एसडीआरएफ की टीम ने उनके शव का पता लगा लिया है. वाटर प्रूफ कैमरे लेकर गहरे पानी के नीचे तलाश की गई. 19वें घंटे बाद गहराई में मौजूद चट्टान में बने सुरंग नुमा स्थल पर मृतका के फंसी होने की संभावना जताई गई है, लेकिन कैमरा 10 फीट के बाद काम नहीं कर रहा. एसडीआरएफ के लांस नायक उमेश सिन्हा ने बताया कि ज्यादा गहराई में कैमरे की विज्वल्टी का अनुमान नहीं लगाया जा पा रहा. 20 फीट नीचे पत्थरों में सुरंग है. संभावना है कि वही युवती का शव फंसा होगा. रेस्क्यू में रायपुर के एसडीआरएफ की टीम समेत गरियाबंद प्रशासन के 60 से ज्यादा जवान जुटे हुए हैं.
मधुमक्खियों ने रेस्क्यू टीम पर किया हमला
गजपल्ला में मौजूद वृक्ष में दर्जनभर से ज्यादा मधुमक्खियों के छत्ते मौजूद हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन के दरम्यान मधुमक्खियों ने रेस्क्यू टीम पर हमला भी कर दिया. स्थानीय तीन मददगारों पर मधुमक्खी ने हमला कर दिया था, जिससे एक घंटे तक आपरेशन बाधित हुआ. मौके पर पाण्डुका थाना प्रभारी, गरियाबंद रेंजर भी मौजूद हैं.
परिजनों ने किया रतजगा, रो-रो कर बुरा हाल
हादसे की सूचना के बाद रायपुर राजापारा में रहने वाले परिजन और सगे संबंधी बड़ी संख्या में घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. मृत्तिका के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल पर पूरी तरह प्रतिबंध : डीएफओ
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल पर पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने प्रतिबंध का बोर्ड लगाकर आवाजाही रोक दिया है. प्रवेश स्थानों पर वन विभाग ने जवान तैनात कर दिया है.

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