नई दिल्ली
जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर अच्छी खबर है। मार्च 2026 में देश की GST कलेक्शन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नेट GST कलेक्शन बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले महीने के मुकाबले 8.2% ज्यादा है। इससे साफ है कि देश में कारोबार और खपत दोनों में मजबूती बनी हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स कलेक्शन में यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों के लगातार सुधरने का संकेत देती है।
वहीं, अगर ग्रॉस GST कलेक्शन की बात करें तो मार्च में यह 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 8.8% ज्यादा है। लगातार बढ़ती GST वसूली सरकार के राजस्व को मजबूत कर रही है और आने वाले समय में विकास योजनाओं को रफ्तार देने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।
0.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए
रिफंड्स की बात करें तो मार्च महीने में कुल 0.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो साल-दर-साल आधार पर 13.8% ज्यादा है। रिफंड बढ़ने के बावजूद सरकार की नेट कमाई मजबूत बनी हुई है, जो 1.78 लाख करोड़ रुपये रही। इससे यह भी संकेत मिलता है कि एक्सपोर्ट और कारोबार से जुड़े सेक्टर्स में गतिविधि तेज हुई है।
ग्रॉस रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा
रेवेन्यू के अलग-अलग हिस्सों पर नजर डालें तो घरेलू लेनदेन से मिलने वाला ग्रॉस रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें 5.9% की बढ़त हुई। वहीं, इंपोर्ट से मिलने वाला रेवेन्यू 0.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 17.8% की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। इसका मतलब है कि देश में आयात गतिविधियां भी काफी मजबूत रही हैं।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो ग्रॉस GST कलेक्शन 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। वहीं नेट GST रेवेन्यू 7.1% की बढ़त के साथ 19.34 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। राज्यों में महाराष्ट्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया, जहां से करीब 0.13 लाख करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ। इसके बाद कर्नाटक और गुजरात का स्थान रहा।
कैसे रहे राज्यों के प्रदर्शन
राज्यों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कई राज्यों में GST कलेक्शन में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। वहीं कुछ राज्यों में गिरावट भी दर्ज की गई, जैसे जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश। कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत दिशा में आगे बढ़ रही है।

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