ग्वालियर
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पत्नी के साथ अप्राकृतिक संबंध के मामले में पति को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि पति-पत्नी के बीच अननैचुरल संबंध अपराध नहीं है। इसके साथ ही पति पर दर्ज एफआईआर को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है। वहीं, अन्य मामले उसके खिलाफ चलते रहेंगे। पति पर पत्नी ने दहेज, मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
महिला ने पति पर दर्ज करवाया था केस
दरअसल, भिंड की महिला ने साल 2023 में अपने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसमें महिला ने कहा था कि ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग कर रहे हैं। शादी के समय परिवार ने भरपुर दहेज दिया था। इसके बावजूद यह मांग की जा रही है। साथ ही शिकायत में कहा गया था कि मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। पत्नी ने अपने पति अननैचुरल यौन संबंध का भी आरोप लगाया था।
कोर्ट ने कहा कि यह अपराध नहीं
इस मामले का ट्रायल हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में चल रहा था। अननैचुरल संबंध के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। साथ ही कहा है कि पति-पत्नी के बीच बने संबंधों को धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता है। इस आधार पर दर्ज की गई एफआईआर को आंशिक रूप से निरस्त किया जाता है। वहीं, मारपीट, दहेज और प्रताड़ना के मामले में सुनवाई जारी रहेगी।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 377, 498 ए और 354 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस अन्य मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कोर्ट में अभी ट्रायल चलता रहेगा।
ये था पूरा मामला
पत्नी ने अपने पति पर दर्ज करवाया था केस
दहेज, मारपीट और प्रताड़ना के साथ अप्राकृतिक संबंध के मामले
2023 में ये दर्ज हुआ था केस
हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में चल रही सुनवाई
पति भी पहुंचा था हाईकोर्ट
गौरतलब है कि इस मामले में सुनवाई के दौरान पति भी कोर्ट में उपस्थित था। इस दौरान पति के वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल के खिलाफ मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है। वहीं, महिला के पूर्व और अभी के बयान मेल नहीं खाते हैं। धारा 377 के तहत केस नहीं चलाया जा सकता है। कोर्ट ने पति, ससुर और सास के खिलाफ लगे आरोपों को रद्द करने से इनकार कर दिया है।

More Stories
MP को बड़ी रेल सौगात, 309 KM का नया रेल कॉरिडोर नासिक तक बढ़ाएगा रफ्तार; मुंबई पहुंचना होगा आसान
Bhopal News: ऑपरेशन हमदर्द में बड़ी सफलता, रेलवे स्टेशन से 16 बच्चों का रेस्क्यू; तीन अपहरण मामलों की गुत्थी सुलझी
Vision Summit 2026: मध्यप्रदेश के सार्वजनिक परिवहन का बदलेगा भविष्य, जानिए क्या हैं बड़े एजेंडे