भोपाल
भोपाल शहर के 1250 शासकीय आवासीय परिसर में स्थित मजारों को जालियों की आड़ में बनाया गया था। जब इन जालियों को हटाया गया तो मजार सभी को दिखाई देने लगी। इसकी शिकायत पहले भी टीटी नगर एसडीएम से हो चुकी थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी जांच तक नहीं कराई। यह क्षेत्र वार्ड 31 में आता है। यहां की भाजपा पार्षद बृजुला संचान जब भ्रमण करने आई थी तो उनकी नजर मजारों पर गई थी। रहवासियों से पूछताछ करने के बाद उन्होंने भी एसडीएम अर्चना रावत शर्मा को इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा पार्षद बृजुला संचान ने बताया कि वह पिछले दिनों बांघबरी मंदिर क्षेत्र में प्रशासन के एक अभियान के तहत भ्रमण करने पहुंची थी।
जालियां लगी हुईं थी, जिन्हें हटाया गया
तब मंदिर से पहले एक शासकीय आवासीय परिसर के पीछे खाली जगह पर मजारें दिखाईं दीं। इस पर उन्होंने आवास में रहने वाले परिवार से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे कुछ दिन पहले ही रहने आए हैं। इससे पहले दूसरा परिवार यहां निवास करता था, तब जालियां लगी हुईं थी, जिन्हें हटा दिया गया है।
पार्षद ने एसडीएम से की मामले की शिकायत
इतना ही नहीं रहने वाले परिवार के लोगों ने कहा कि शासकीय भूमि पर बनीं मजारों को लेकर प्रशासन जो भी निर्णय लेगा, इससे उनको किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद पार्षद ने एसडीएम से मामले की शिकायत की थी। एसडीएम अर्चना रावत शर्मा ने बताया कि पार्षद की शिकायत पर ही जांच शुरू कराई थी। इसी बीच मंच ने भी शिकायत दर्ज करवा दी, लेकिन बाद में वह क्षेत्र कोलार तहसील का होना पता चला तो अब जांच वहीं से कराई जा रही है।
शासकीय अवकाश होने से अटक गई मामले की जांच
शासकीय परिसर में बनीं मजारों का मामला सामने आने के बाद कोलार एसडीएम रविशंकर राय ने जांच शुरू करवा दी है। इसको लेकर संपदा और पीडब्ल्यूडी दोनों से जवाब मांगा है। वहीं शनिवार और रविवार दो दिन शासकीय अवकाश होने से जांच अटक गई है। संपदा और पीडब्ल्यूडी से जवाब नहीं मिल पाया है कि आखिर शासकीय भूमि पर मजारें कब से बनी हैं और किसने बनाई हैं।

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