नई दिल्ली
मिडिल में तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल आने का रास्ता बंद हो चुका है, जो वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है. ऐसे में रूस कच्चे तेल की खेप को भारत की ओर मोड़ने के लिए तैयार है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट का दावा है कि इस समय भारतीय जलक्षेत्र के पास जहाजों पर लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल मौजूद है और इसे कुछ ही हफ्तों में भारत पहुंचाया जा सकता है. गौरतलब है कि यह खबर तब सामने आई है, जब मिडिल ईस्ट से तेल आयात करने का रास्ता बंद है, जहां से भारत करीब 50 फीसदी तेल आयात करता था. यह भारत के लिए एक बड़ी राहत है।
रिपोर्ट का कहना है कि आपूर्ति में रुकावट बढ़ने के बीच भारतीय रिफाइनर्स के लिए यह एक बड़ी राहत है. हालांकि सूत्र ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जहाजों पर रखा माल कहां जा रहा था, लेकिन यह जरूर बताया कि गैर-रूसी बेड़े के जहाजों द्वारा ले जाए गए माल को जरूरत पड़ने पर जल्दी से भारत की ओर मोड़ा जा सकता है।
ऑप्शन की तलाश में भारत
भारत के पास अभी सीमित तेल भंडार पड़ा हुआ है, जिस कारण वह किसी विकल्प की तलाश में है, जहां से उसे तेल की सप्लाई होती रहे. रिपोर्ट का कहना है कि भारत के पास कच्चे तेल का भंडार लगभग 25 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, जबकि डीजल, पेट्रोल और पेट्रोलियम गैस जैसे रिफाइन उत्पादों का भंडार भी कम है।
रॉयटर्स ने कहा कि भारत के सरकारी सूत्र ने बताया कि नई दिल्ली ने वैकल्पिक आपूर्ति विकल्पों की खोज शुरू कर दी है क्योंकि मध्य पूर्व संघर्ष अगले 10-15 दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे शिपमेंट प्रभावित हो सकते हैं. भारत के लिए कच्चे तेल का रिस्क होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अस्थिरता पैदा होने के कारण आया है।
रूस ने तेल भेजने को दिखाई तत्परता
भारत की रिफाइनरियां हर दिन लगभग 5.6 मिलियन बैरल तेल को रिफाइन करती हैं, जिसका अर्थ है कि शिपिंग मार्गों में किसी भी प्रकार की लंबी रुकावट से आपूर्ति में तेजी से कमी आ सकती है. उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि अगर मध्य पूर्वी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी आती है तो मॉस्को इस अंतर को पाटने में मदद करने के लिए तैयार है, और संभावित रूप से भारत की कच्चे तेल की जरूरतों का 40% तक पूरा कर सकता है।

More Stories
जब सफेद झंडे के बीच हुई बातचीत, फिर भारत ने प्वाइंट 5465 पर लहराया तिरंगा; कारगिल की दिलचस्प कहानी
1 जुलाई से लागू हुए 10 बड़े बदलाव! LPG, पेट्रोल, आधार और आपकी जेब पर सीधा असर
El Niño Impact: 2032 तक भारत को ₹94 लाख करोड़ का आर्थिक झटका, रिपोर्ट में बड़ा दावा