अयोध्या
साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं। इसी नियम का पालन करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फैसला किया है कि चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। ट्रस्ट के अनुसार सुबह पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपरा का सम्मान करना और ग्रहण के समय पूजा और मंत्र पाठ में व्यवधान न आने देना है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा) के कारण मंदिर में दर्शन की व्यवस्था थोड़ी अलग होगी। सुबह की मंगला आरती और श्रृंगार आरती पहले से निर्धारित समय पर होगी ताकि श्रद्धालु पूजा में हिस्सा ले सकें। इसके बाद, लगभग सुबह 9 बजे से लेकर रात 8:30 बजे तक मंदिर बंद रहेगा। इस दौरान ग्रहण और सूतक के समय को देखते हुए दर्शन बंद रहेंगे।
अधिकारियों और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई है ताकि दर्शन की प्रक्रिया और भी व्यवस्थित रहे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने अयोध्या के अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में हुए बदलाव के बारे में सूचित किया है। साथ ही इसके अनुसार, मंदिर और उसके आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
ऐसे में यदि आप भी मंगलवार को रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इस शेड्यूल का ध्यान रखें। आम श्रद्धालु सुबह पूजा और आरती में शामिल हो सकते हैं, उसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर के भीतर कोई भी दर्शन या प्रवेश नहीं होगा। यह व्यवस्था सिर्फ 3 मार्च के दिन के लिए है और अगले दिन से मंदिर की सामान्य दर्शन व्यवस्था फिर से चालू हो जाएगी।

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