नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा में लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर साथ काम करेंगे.
-कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले दशक में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है. यहां प्रति व्यक्ति आय का विकास ऐसा रहा है जो इतिहास में बहुत कम देखा गया है. कनाडा आपके इसी उत्साह और उद्देश्य की भावना को साझा करता है. मुझे लगता है कि इस नए युग में सफलता का मार्ग 2023 में आपके G20 अध्यक्षता के विषय ‘One Earth, One Family, One Future’ में अच्छे से दिखाया गया है, क्योंकि हमारे समय की चुनौतियों को अकेला कोई देश हल नहीं कर सकता.'
-कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले वर्ष में कनाडा और भारत की सरकारों के बीच जो संवाद हुआ है, वह पिछले दो दशकों में हुए सभी संवादों से अधिक है. यह केवल संबंधों का नवीनीकरण नहीं है, बल्कि नए उत्साह, ध्यान और दूरदर्शिता के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है. यह दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी है, जो अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रहे हैं.'
-पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई तनावों पर भारत की स्थिति स्पष्ट है. हम हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात करते रहे हैं, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत हो जाती है. पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का समर्थन करता है और क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ करीबी सहयोग जारी रखेगा.
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कनाडा भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. हम उनका भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन में डायलॉग पार्टनर बनने में रुचि दिखाने का स्वागत करते हैं, जिससे हमारी समुद्री सहयोग में नई गहराई आएगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरवाद सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर और साझा चुनौती हैं. इनके खिलाफ हमारी करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम है.
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच जुड़ाव है. आज हमने इन्हें और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालयों के बीच नए साझेदारी की घोषणा की गई है. इसके अलावा, कनाडाई विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में कैंपस खोलने पर भी सहमति बनी है. आदिवासी और जनजातीय समुदाय हमारे साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. दोनों पक्षों के बीच आज सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया.
-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में इंडिया-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है. दोनों देश रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे. इसी उद्देश्य से आज इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित करने का निर्णय लिया गया.
-CAMECO के अध्यक्ष टिम गिट्ज़ेल और कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पट्टनाइक ने परमाणु ऊर्जा विभाग और CAMECO के बीच यूरेनियम अयस्क आपूर्ति समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया.
-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज साइन किए गए क्रिटिकल मिनरल्स पर MoU से सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ेगी. अंतरिक्ष क्षेत्र में हम दोनों देशों की स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ेंगे. ऊर्जा क्षेत्र में हम अगले स्तर की साझेदारी बना रहे हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.'
-पीएम मोदी ने कहा, 'हम टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में स्वाभाविक साझीदार हैं. भारत-कनाडा इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत हम नए विचारों को वैश्विक समाधान में बदलेंगे. मैं प्रधानमंत्री कार्नी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले महीने भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की सफलता में कनाडा का महत्वपूर्ण योगदान दिया. हम AI के साथ-साथ क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग बढ़ाएंगे.'
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमें खुशी है कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने का निर्णय लिया है. अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हम इस साल भारत-कनाडा रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज समिट आयोजित करेंगे. नागरिक परमाणु ऊर्जा में हमने लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे.'
-कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया.
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को हमारे सहयोग में बढ़ती गति के लिए श्रेय देता हूं. भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अडिग विश्वास रखते हैं. हम विविधता का जश्न मनाते हैं. मानवता की भलाई हमारी साझा दृष्टि है. यही दृष्टि हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. आज हमने इस दृष्टि को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को अनलॉक करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हमने जल्द ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है. इससे दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. यह उनके भारत की विकास कहानी में गहरे विश्वास का प्रतीक है. आज हम दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे. उनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे.'
कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मौजूदगी में भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग पर द्विपक्षीय MoU के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया.
-कनाडा के पीएम मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'दुनिया में बहुत ही कम लोग हैं जिनके CV में दो देशों में सेंट्रल बैंकिंग का नेतृत्व शामिल हो. हमारी पहली मुलाकात के बाद से हमारा संबंध और मजबूत हुआ है, और आपसी विश्वास और सकारात्मकता ने तेजी से बढ़त हासिल की है.'
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री कार्नी का भारत में स्वागत करते हुए बहुत खुश हूं. यह उनका भारत का पहला दौरा है. हम इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हैं. उन्होंने मुझे और मेरी टीम का पिछले साल कनाडा में G7 बैठक में गर्मजोशी से स्वागत किया था. आज उन्हें उसी गर्मजोशी के साथ स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है.'
-कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मौजूदगी में तीन समझौतों (MoUs) पर दस्तावेजो का आदान-प्रदान किया, जिनमें महत्वपूर्ण खनिज सहयोग, रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देना, और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं.
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ बैठक की।
मार्क कार्नी का भारत दौरा
कार्नी मुंबई में दो दिन बिताने के बाद रविवार को नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने कई उद्योगपतियों से मुलाकात की. पीएम मोदी और कार्नी की मुलाकात ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच हो रही है. इससे पहले कार्नी ने सोशल मीडिया पर कहा, 'भारत में ऊर्जा, तकनीक और सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है- ये वो चीजें हैं जो कनाडा ऑफर कर सकता है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं कि हमारे कर्मचारी और व्यवसाय इन अवसरों का लाभ उठा सकें.'
खराब हो गए थे भारत-कनाडा के संबंध
कनाडा, ट्रंप प्रशासन के साथ ठंडे व्यापारिक संबंधों के बीच, मजबूत, स्वतंत्र और अधिक लचीली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रहा है. पिछले कुछ महीनों में, भारत और कनाडा ने संबंधों को सामान्य करने के कई कदम उठाए हैं.
भारत-कनाडा के संबंध 2023 में तब सबसे खराब हो गए थे जब उस समय के कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया कि भारत का संबध खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से हो सकता है. भारत ने ट्रूडो के इस आरोप को खारिज कर दिया था. अक्टूबर 2024 में भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य कूटनीतिज्ञों को वापस बुला लिया और कनाडा के समान संख्या में कूटनीतिज्ञों को निष्कासित कर दिया.
मार्क कार्नी के आने के बाद संबंधों में हुआ सुधार
हालांकि, पिछले साल अप्रैल में कनाडा में हुए संसदीय चुनाव में जीत के बाद लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी ने संबंधों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू की. इसके बाद दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों को फिर से तैनात कर दिया. पिछले साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कनाडा के कैननास्किस गए थे, जहां पीएम मोदी और कार्नी ने शिखर सम्मेलन के दौरान विस्तृत बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने पर फोकस किया.

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