मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान ने दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- अब अमेरिका दिखाएगा ताकत

ईरान
ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद व्यापक सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रतिशोध के तौर पर की जा रही है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हैं।

UAE और कतर में धमाकों की खबर
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर, जिन्हें अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है, वहां हमलों की सूचना सामने आई है। दुबई और कतर की राजधानी दोहा में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबरें हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
 
IRGC का दावा: मिसाइल और ड्रोन से हमला
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के पांचवें चरण के तहत कार्रवाई का दावा किया है। जेबेल अली एंकरेज पर अमेरिकी जहाज के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक पोत को ड्रोन से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।

कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हमलों में बुनियादी ढांचे के नष्ट होने और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दुबई एयरपोर्ट और प्रमुख स्थलों पर हमला
ईरान ने दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही दुबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पाम जुमेराह और लक्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर भी पहले हमले किए जाने की बात कही गई है।

अमेरिका राष्ट्रपति ने फिर दी चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई
वहीं, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

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