इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब डेटा साइंस फर्स्ट ईयर की एक छात्रा की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं. छात्रा पर आरोप है कि वह हॉस्टल की अन्य छात्राओं को कॉलेज लाइफ एन्जॉय करने के बहाने गलत रास्तों पर धकेलने की कोशिश कर रही थी.
मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली यह छात्रा एक विशेष वर्ग से ताल्लुक रखती है. हॉस्टल की 5 छात्राओं ने लिखित शिकायत की है कि वह उन पर 'बॉयफ्रेंड' बनाने का लगातार मानसिक दबाव बना रही थी.
छात्रा पर आरोप है कि वह तमाम मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उन युवकों से बात करने के लिए प्रेरित करती थी.
छात्राओं की शिकायत के बाद वार्डन ने जब आरोपी छात्रा के सामान की तलाशी ली, तो वहां से कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद होने की बात सामने आई है.
यूनिवर्सिटी का एक्शन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. आरके सिंघई ने कड़ा रुख अपनाया है. छात्रा को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है.
पूरे मामले की सत्यता और नेटवर्क का पता लगाने के लिए 5 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है. प्रबंधन इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा.
कुलगुरु का बयान
कुलगुरु आरके सिंघई ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल के माहौल से समझौता नहीं किया जाएगा. जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर छात्रा पर आगे की अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

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