दुर्ग.
दुर्ग जिले के भिलाई नगर विधानसभा से विधायक और कांग्रेस के कद्दावर नेता देवेंद्र यादव को सर्वोच्च न्यायालय से करारा झटका लगा है. भाजपा नेता और देवेंद्र यादव के खिलाफ विधानसभा में प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे के द्वारा हाईकोर्ट में लगाए गए चुनाव याचिका के खिलाफ देवेंद्र यादव सुप्रीम कोर्ट गये थे. सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र यादव ने एसएलपी दाखिल की थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने निराधार मानकर खारिज कर दी. इसे विधायक देवेंद्र यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
भिलाई नगर से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र यादव ने 2018 और 2023 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे को करारी शिकस्त दी थी. भाजपा के प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे ने चुनाव में गलत हलफनामा देने का आधार बता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी थी और उनका निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी. प्रेम प्रकाश पांडे की याचिका के अनुसार 2018 और 2023 के चुनावों में दिए गए शपथ पत्र में संपत्ति का मूल्य देवेंद्र यादव ने गलत दर्शाया था. इसके अलावा चुनाव शपथ पत्र में आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छुपाते हुए घोषित फरार आरोपी होने की जानकारी नहीं दी थी. यह एक अपराध की श्रेणी में आता है. इतना ही नहीं चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी जो भ्रष्ट आचरण माना जाता है, जिसके तहत भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देवेंद्र यादव का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी.
देवेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में लगी याचिका के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका ( एसएलपी) लगा हस्तक्षेप करने की मांग की थी. पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद विशेष अनुमति याचिका को निराधार मानते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और देवेंद्र यादव की याचिका खारिज कर दी.

More Stories
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत : अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी
उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया वेदांता पावर प्लांट के घटनास्थल का निरीक्षण
गांव में ही मिला न्याय—अकलाडोंगरी लिंक कोर्ट से राजस्व मामलों का त्वरित समाधान