नई दिल्ली
WhatsApp प्लेटफॉर्म ने सिम बाइडिंग सर्विस को शामिल किया है और लेटेस्ट बीटा अपडेट में इसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. ये जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. दरअसल, साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए भारत सरकार के रसंचार विभाग ज्यादातर OTT ऐप्स के लिए SIM-Binding नियम का ऐलान किया है.
Wabetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि मैसेजिंग ऐप ने न्यू रेगुलेशन के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जिसका नाम सिम बाइंडिंग है. इसकी मदद से WhatsApp अकाउंट सेफ रहेगा और एक्टिव सिम कार्ड पर ही काम करेगा. WhatsApp beta के Android 2.26.8.6 अपडेट में पता चलता है कि वह भारत के मेंडेटरी सिम लिंक रूल्स पर काम कर रहा है.
सिम बाइडिंग नियम क्या है?
SIM-Binding, असल में एक ऐसी सर्विस है कि कोई भी मैसेजिंग या कम्युनिकेशन ऐप उसी SIM कार्ड के साथ काम करेगा, जिस नंबर से वह रजिस्टर है. स्मार्टफोन से जैसे ही सिम निकाली या बदली जाती है तो WhatsApp भी काम करना बंद कर देगा. UPI ऐप्स में सिम बाइडिंग की सुविधा पहले से है.
WhatsApp चलाने के लिए चाहिए होगी एक्टिव सिम कार्ड. (Unsplash)
Wabetainfo का पोस्ट
Wabetainfo ने एक स्क्रीनशॉट्स जारी किया है, जो पोस्ट में देखा जा सकेगा. इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप भारत में नए नियमों को फॉलो करने के लिए तकनीकी उपाय लागू करेगा.
WhatsApp पर मौजूदा समय सिस्टम
मौजूदा समय में यूजर्स समय-समय पर 6 डिजिट के वेरिफिकेशन कोड को एंटर करके WhatsAppको यूज कर सकते हैं. एक बार लॉगइन करने के बाद सिस्टम यह चेक नहीं करता है कि सिम एक्टिव है या नहीं. सिम बाइडिंग के साथ ऐसा नहीं होगा.
भारत सरकार का मकसद
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के मुताबिक, सिम बाइडिंग सिस्टम डिसकनेक्टेड हो चुके हैं नंबर या फिर दोबारा सेल किए गए फोन के नंबर के मिसयूज को रोकना है. साइबर स्कैमर्स पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

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