अनूपपुर
महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से संकल्प से समाधान अभियान तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत परिवहन विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बालिकाओं और महिलाओं के लिए निःशुल्क पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें विधिवत ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती प्रीति रमेश, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र गौतम, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग मती मंजूषा शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर और संकल्प महाविद्यालय अनूपपुर की छात्राओं ने भी शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी ने कहा कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ वाहन चलाने के लिए सक्षम बनाना है। इससे महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी और वे शिक्षा, रोजगार और अन्य गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगी।
शिविर के दौरान बालिकाओं को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग और सुरक्षित वाहन संचालन संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।
यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी सक्षम बनाती है। शिविर में 114 बालिकाओं/महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240
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