गरियाबंद
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास और विश्वास की मजबूत नींव रखने की दिशा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 65वीं बटालियन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में ग्राम छिंदोला स्थित डी/65 बीएन सीआरपीएफ कैंप में सिविक एक्शन कार्यक्रम का प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने इसे जनविश्वास अभियान का स्वरूप दे दिया।
बता दें कि यह आयोजन बटालियन कमांडेंट राधे श्याम सिंह के मार्गदर्शन में तथा उप कमांडेंट सुधेंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दवनई सहित आसपास के गांवों से करीब 250 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे स्कूल बैग, कॉपी, पेन, पेंसिल बॉक्स और ज्योमेट्री बॉक्स वितरित किए गए। वहीं युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए क्रिकेट किट, वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन रैकेट प्रदान किए गए, ताकि वे खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें। ग्रामीण परिवारों को साड़ी, कंबल, मच्छरदानी, सोलर लैंप, कृषि उपकरण तथा दैनिक उपयोग की सामग्री देकर उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया गया।
उप कमांडेंट सुधेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में ग्रामीणों से अपील की कि वे नक्सलियों की भ्रामक और विध्वंसक गतिविधियों से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास और शांति स्थापना के लिए भी प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिविक एक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि सुरक्षा बल और स्थानीय जनता के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद की मजबूत कड़ी बनाना है। ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीणों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट रामानंद प्रसाद, निरीक्षक पीयूष कुमार सिंह, निरीक्षक हरेंद्र कुमार सिंह, सरपंच रश्मिला बाई सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल उनकी जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाते हैं कि सुरक्षा बल उनके साथ खड़े हैं। क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में सीआरपीएफ की यह पहल एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही है।

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