बांसवाड़ा
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत रूफ-टॉप सोलर स्थापना में राजस्थान का बांसवाड़ा जिला लगातार पिछड़ता नजर आ रहा है। अजमेर डिस्कॉम के बांसवाड़ा वृत्त को इस वर्ष 6,365 रूफ-टॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन अब तक केवल 730 संयंत्र ही स्थापित हो पाए हैं। यह कुल लक्ष्य का महज 11.47 प्रतिशत है, जो डिस्कॉम के औसत 23 प्रतिशत से भी काफी कम है।डिस्कॉम रिकॉर्ड के अनुसार जिले में अब तक 3,230 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो लक्ष्य का करीब 50 प्रतिशत हैं, लेकिन इनमें से 1,036 आवेदन स्थापना के लिए लंबित हैं। इसके अलावा 35 मामले लोड वेरिफिकेशन के स्तर पर अटके हुए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या ऑनलाइन प्रक्रिया और भुगतान को लेकर सामने आ रही है। उपभोक्ता डिजिटल औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पा रहे, वहीं उपखंड स्तर पर जागरूकता शिविरों की कमी भी बड़ी वजह है। अधिकारी स्तर पर अपेक्षित सक्रियता नहीं होने से योजना की गति धीमी बनी हुई है।
शहरी क्षेत्र में स्थिति और जटिल है। बांसवाड़ा शहर में मीटरिंग, बिलिंग और रिकवरी का जिम्मा सिक्योर मीटर्स कंपनी के पास है, जिसका सॉफ्टवेयर डिस्कॉम के सिस्टम से अब तक लिंक नहीं हो पाया है। इस तकनीकी अड़चन के कारण राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा, जिससे लोग रूफ-टॉप सोलर लगवाने से पीछे हट रहे हैं।
फिलहाल जिले में पांच सोलर वेंडर रजिस्टर्ड हैं, जबकि अन्य जिलों के वेंडर एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। औसतन हर महीने 100-125 संयंत्र ही लग पा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता भगवान दास ने बताया कि जल्द ही ब्लॉक-स्तरीय कैंप लगाकर प्रक्रिया तेज की जाएगी। वहीं सिक्योर मीटर्स के प्रभारी विराग शर्मा ने कहा कि सॉफ्टवेयर लिंक के लिए जरूरी अपडेट पर काम चल रहा है और कुछ ही दिनों में समस्या दूर कर ली जाएगी।

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