नई दिल्ली
ईरान से जुड़े हैक्टिविस्ट ग्रुप 'हंडाला हैकिंग टीम' ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी शीर्ष सहयोगी जाची ब्रेवरमैन का फोन हैक कर कई डिटेल्स लीक कर दिए। इजरायल के मुताबिक इस ग्रुप का संबंध ईरान से है, और ये वही ग्रुप है जिसने पिछले हफ्ते पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के फोन में सेंध लगाई थी और दावा किया है कि वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ, जाची ब्रेवरमैन का फोन भी हैक करने में कामयाब रहे। ग्रुप का कहना है कि उसे जाची ब्रेवरमैन के इस्तेमाल किए गए आईफोन 16 प्रो मैक्स का लंबे समय तक एक्सेस मिला। ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे मैसेज में, हैकर्स ने दावा किया कि उनके पास डिवाइस से ली गई फाइलें, प्राइवेट चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो मटीरियल हैं, और उन्होंने कंटेंट को अलग-अलग हिस्सों में पब्लिश करने की धमकी दी।
हंडाला हैकर्स का कहना है कि वे फिर नई जानकारी जारी करेंगे जो ब्रेवरमैन को कतरगेट स्कैंडल से जोड़ती है। वहीं, यरूशलम पोस्ट ने पीएमओ के हवाले से कहा कि “ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।” नेतन्याहू के दो सलाहकारों पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के यहां काम करते हुए कतर की तरफ से परसेप्शन पीआर फर्म के लिए काम किया, जिसके हेड नेतन्याहू के पूर्व कैंपेन मैनेजर यिसरायल आइन्हॉर्न हैं।
फेल्डस्टीन ने दावा किया कि ब्रेवरमैन को लीक की गई एक सीक्रेट आईडीएफ जांच के बारे में पता चला और उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसे रद्द किया जा सकता है। ब्रेवरमैन को यूके में इजरायल का राजदूत बनना है, लेकिन आरोप की वजह से नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। ब्रेवरमैन और नेतन्याहू दोनों ने घोटालों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
बता दें, करीब दो हफ्ते पहले, इसी ग्रुप ने दावा किया था कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का टेलीग्राम अकाउंट हैक कर लिया था। बेनेट के ऑफिस ने शुरू में इस रिपोर्ट से इनकार किया, लेकिन हैकर्स ने बाद में डॉक्यूमेंट्स, इमेज और बड़ी कॉन्टैक्ट लिस्ट जारी कर दीं। बेनेट ने बाद में माना कि उनके टेलीग्राम अकाउंट में सच में सेंध लगी थी।

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