नईदिल्ली
नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने पर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं का खुला दुरुपयोग कहा है। वोरा ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी देश के सर्वमान्य और जनप्रिय नेता हैं। वे करोड़ों भारतीयों के संवैधानिक मूल्यों की आवाज़ हैं। उनकी निष्ठा और त्याग पर कभी कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा है।
दोनों बेदाग हैं, निर्भीक हैं और सत्य के मार्ग पर अडिग हैं। उनके विरुद्ध इस प्रकार की राजनीतिक प्रेरित कार्रवाइयाँ न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि, केंद्र सरकार की असुरक्षा और घबराहट को भी उजागर करती हैं।
वोरा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ ईडी, सीबीआई और पुलिस किसी भी व्यवस्था की रीढ़ होती हैं, लेकिन आज यही संस्थाएँ राजनीतिक दबाव और सत्ता की मंशा के आगे झुकाकर विपक्ष को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। वोरा ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों, आर्थिक संकट और जनविरोधी नीतियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे मामलों को हवा दे रही है। कांग्रेस कभी ऐसे दमन से नहीं झुकेगी। न्याय, सत्य और संविधान की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
इधर, पूर्व महापौर आरएन वर्मा ने इस मामले में केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब कार्रवाई देश के दो शीर्ष नेताओं पर हो और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस प्रकार राजनीतिक मामलों में इस्तेमाल होना बेहद चिंताजनक है। यह प्रवृत्ति लंबी अवधि में लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करती है।

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