भारत ने पासपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह हाई-टेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है। विदेश मंत्रालय ने पूरे देश में उन्नत सुरक्षा सुविधाओं वाले ई-पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई तकनीक से लैस यह पासपोर्ट न सिर्फ इमिग्रेशन को तेज़ करेगा, बल्कि पहचान से जुड़े फर्जीवाड़े को लगभग असंभव बना देगा।
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब से जारी होने वाले सभी पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होंगे, जबकि पुराने पासपोर्ट उनकी वैधता खत्म होने तक मान्य रहेंगे। यदि आपने 28 मई 2025 के बाद पासपोर्ट बनवाया या रिन्यू कराया है, तो आपको ई-पासपोर्ट ही मिला होगा।
ई-पासपोर्ट क्या है और कैसे काम करता है?
नया ई-पासपोर्ट बाहर से बिल्कुल पुराने जैसा दिखता है, लेकिन इसके कवर में एक खास इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी। इसी चिप में आपकी सभी अहम जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती है—
नाम
फोटो
फिंगरप्रिंट
बायोमेट्रिक डिटेल
अन्य व्यक्तिगत जानकारी
यह डेटा एन्क्रिप्टेड होता है और इसमें मौजूद डिजिटल सिग्नेचर को बदला नहीं जा सकता। दुनिया के किसी भी एयरपोर्ट पर मशीन इसे एक सेकंड में पढ़ सकती है।
फर्जी पासपोर्ट बनाना लगभग असंभव
पुराने पासपोर्ट में सारी जानकारी छपी या लिखी होती थी, इसलिए नकली दस्तावेज बनाना आसान होता था। लेकिन ई-पासपोर्ट की चिप में मौजूद डेटा को नकली चिप से कॉपी करना संभव नहीं है। अगर कोई पहचान बदलकर फर्जी पासपोर्ट तैयार करे भी तो इमिग्रेशन मशीन तुरंत पकड़ लेगी।
लंबी लाइनों से राहत—तेज़ एंट्री और एग्ज़िट
अभी की इमिग्रेशन प्रक्रिया में दस्तावेज़ मिलान और पहचान जांच में समय लगता है।
ई-पासपोर्ट आने के बाद—
चेकिंग समय घटेगा
एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में खड़ा रहने का झंझट कम होगा
यात्रियों की एंट्री-एग्ज़िट और भी स्मूथ हो जाएगी
पुराने पासपोर्ट वालों को क्या करना होगा?
सरकार ने इसे लेकर भ्रम खत्म करते हुए कहा है—
पुराना पासपोर्ट पूरा वैध है, चाहे वह ई-पासपोर्ट न हो।
आपको इसे तुरंत बदलने की जरूरत नहीं है।
इसकी वैधता खत्म होने या रिन्यू कराने पर नया पासपोर्ट ई-पासपोर्ट ही बनेगा।
पहले कुछ चुनिंदा शहरों में यह सुविधा थी, लेकिन अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
अब तक कितने ई-पासपोर्ट जारी हुए?
विदेश मंत्रालय के अनुसार—
80 लाख से अधिक ई-पासपोर्ट भारत में जारी किए जा चुके हैं
विदेशों में भारतीय मिशनों ने 60 हजार से ज्यादा ई-पासपोर्ट जारी किए
देश में 511 पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं
बाकी बचे 32 लोकसभा क्षेत्रों में भी जल्द ही केंद्र खुलेंगे
नया पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम वर्ज़न 2.0 (PSP 2.0) 2025 से लागू है, जिसमें शामिल हैं—
एआई चैटबॉट
वॉयस-बॉट
डिजिलॉकर इंटीग्रेशन
आधार और पैन वेरिफिकेशन
तेज़ डॉक्यूमेंट चेक
यह नया सिस्टम पूरी प्रक्रिया को 100% डिजिटल और बेहद सुरक्षित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

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