मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) प्रदाता कंपनी अपने उपयोगकर्ता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती हैं। लेकिन तकनीक के इस युग में उपयोगकर्ता की प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। इसके लिए एंड्रॉयड और आईओएस में लोकेशन ट्रैकिंग बंद करने का खास विकल्प है, जिसे ऑफ किया जा सकता है।
एंड्रॉयड: गूगल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) एंड्रॉयड पर लोकेशन बंद करने के दो विकल्प हैं। पहला ऊपर की तरफ दिए गए ट्रे बार में जाकर जीपीएस ऑफ कर दें। यह बैटरी सेविंग के साथ-साथ एप को लोकेशन देना बंद कर देता है। अगर उपयोगकर्ता चाहते हैं कि एंड्रॉयड भी लोकेशन ट्रैक न कर सके तो इसके लिए सेटिंग में एक विकल्प है।
स्मार्टफोन की सेटिंग्स की मदद से जब गूगल के अंदर ‘गूगल अकाउंट’ पर जाएंगे तो उसमें ‘रिव्यू योर प्राइवेसी सेटिंग्स’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें। इसके बाद ‘गेट स्टार्ट’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद उपयोगकर्ता खुद देख सकते हैं कि एंड्रॉयड कौन-कौन सी जानकारी स्टोर कर रहा है। फोन में खुद कर सकते हैं अपनी प्राइवेसी का रिव्यू.
स्मार्टफोन की सेटिंग्स की मदद से जब गूगल के अंदर ‘गूगल अकाउंट’ पर जाएंगे तो उसमें ‘रिव्यू योर प्राइवेसी सेटिंग्स’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें। इसके बाद ‘गेट स्टार्ट’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद उपयोगकर्ता खुद देख सकते हैं कि एंड्रॉयड कौन-कौन सी जानकारी स्टोर कर रहा है।
आईफोन : एप्पल के आईओएस को सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक मजबूत ऑपरेटिंग सिस्टम माना जाता है लेकिन यूजर चाहे तो एप्पल को भी अपनी लोकेशन ट्रैक करने से रोक सकता है।
पहले अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाएं. इसके बाद प्राइवेसी का चुनाव करें. ऐसा करने के बाद लोकेशन सर्विसेस का चुनाव करें. लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ कर दें. एप की सूची दिख जाएगी, जो लोकेशन ट्रैक करते हैं. उन एप के लिए लोकेशन ऑफ कर दें जिनके लिए वह गैर जरूरी है.

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