सूरजपुर
छत्तीसगढ़ में सूरजपुर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने पति की हत्या मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को कठोर सजा सुनाई है. अवैध संबंध के शक गहराने पर आए दिन विवाद होने के कारण वारदात को अंजाम दिया गया था. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है.
दरअसल, सूरजपुर थाना के ग्राम नमदगिरी में साल 2024 के 3 जनवरी को सुनील देवांगन के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि वह 2 जनवरी (2024) को शाम 7 बजे घुमने निकला लेकिन वापन नहीं लौटा. अगली सुबह खेत में लाश मिली. शार्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 04/2024 धारा 302 भादवि. का पंजीबद्ध कर जांच शुरू की.
पुलिस की जांच में डॉग स्क्वाड की सहायता ली गई, जिसमें डॉग मास्टर ने मृतक सुनील देवांगन के कमरे और उसकी पत्नी लक्ष्मी देवांगन की ओर संकेत किया. मुखबिरों से भी मिली जानकारी मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवांगन और रामकुमार के बीच संबंध होने की बात सामने आई. इस लीड पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई. लक्ष्मी देवांगन से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार किया. उसने पुलिस को बताया कि उसका रामकुमार से संबंध था और जब उसके पति सुनील को इस बात का शक हुआ. उसके और पति के बीच झगड़ा होने लगा. इसके बाद लक्ष्मी और रामकुमार ने मिलकर सुनील की हत्या की साजिश रची और गमछे से उसका गला दबाकर उसकी जान ले ली. हत्या के बाद दोनों ने शव को कुछ दूरी पर स्थित खेत में ले जाकर लिटा दिया.
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय, सूरजपुर में प्रस्तुत किया गया. जहां से दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है.

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