न्यूयॉर्क
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित सुरक्षा परिषद की खुली बहस “United Nations Organization: Looking into Future” के दौरान भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। पाकिस्तान की दलीलों का जवाब देते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।”हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा-“हम जानते हैं कि लोकतंत्र जैसी अवधारणाएं पाकिस्तान के लिए विदेशी हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक ढांचे के तहत अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन कर रहा है।
पाक कब्जे वाले इलाकों में दमन का आरोप
राजदूत हरीश ने संयुक्त राष्ट्र से आह्वान किया कि वह पाकिस्तान से अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों (PoJK) में मानवाधिकार हनन, दमन, सैन्य उत्पीड़न और संसाधनों के दोहन को रोकने की मांग करे। उन्होंने कहा कि वहां की जनता पाकिस्तानी कब्जे और क्रूरता के खिलाफ विद्रोह कर रही है। हरीश ने कहा कि अब समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की संरचना में व्यापक सुधार किया जाए, क्योंकि 1945 की व्यवस्था अब 2025 की चुनौतियों के अनुरूप नहीं है।“80 साल पुरानी परिषद की संरचना आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को नहीं दर्शाती। ग्लोबल साउथ की आवाज़ को वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्थान मिलना चाहिए।”उन्होंने कहा कि सुधारों को टालना ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अन्याय होगा, क्योंकि वे बड़ी आबादी और विकास, जलवायु तथा वित्तपोषण जैसी विशेष चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

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