मनामा (बहरीन)
भारत के लड़कों और लड़कियों की टीमों ने कबड्डी स्पर्धा के फाइनल में ईरान के खिलाफ अलग-अलग अंदाज में जीर्त दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किये। ईसा स्पोर्ट्स सिटी में खेले गये मुकाबलों में भारतीय लड़कों की टीम ने ईरान को 35-32 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। जबकि लड़कियों की टीम ने ईरान के खिलाफ एकतरफा कबड्डी के दो हाफ के बाद 75-21 के बड़े अंतर से जीत हासिल की। भारतीय लड़कियों की कबड्डी टीम पहले ग्रुप स्टेज में भी अजेय रही थी। उन्होंने लीग मैचों में बंगलादेश को 46-18, थाईलैंड को 70-23, श्रीलंका को 73-10 और ईरान को 59-26 से हराया था।
इसी तरह, भारतीय लड़कों की कबड्डी टीम ने भी ग्रुप स्टेज में अजेय रही। उन्होंने बंगलादेश को 83-19, श्रीलंका को 89-16, पाकिस्तान को 81-26, ईरान को 46-29, मेजबान बहरीन को 84-40 और थाईलैंड को 85-30 से हराया। इससे पहले दिन में, भारत ने ताइक्वांडो स्पर्धा में दो कांस्य पदक और एथलेटिक्स में एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता था।
देबाशीष दास लड़कों के व्यक्तिगत रिकॉग्नाइज्ड पूमसे स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचे। उन्होंने राउंड ऑफ 16 में बंगलादेश के ताहिब होसैन उस्मान और क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया के अमर अमगालन को हराया था। हालांकि, देबाशीष सेमीफाइनल में चीन के गाओ जिक्सुआन से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
मिक्स्ड पेयर रिकॉग्नाइज्ड पूमसे स्पर्धा में, याश्विनी सिंह और शिवांशू पटेल की भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने क्वार्टर में वियतनाम की टीम को हराया लेकिन सेमीफाइनल में थाईलैंड से हार गए।
रंजना यादव ने भी एथलेटिक्स में भारत के लिए पहला पदक जीता, उन्होंने लड़कियों की 5000 मीटर वॉक स्पर्धा में 24:25.88 का समय निकालकर चीन की लियू शियी (24:15.27) के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। भारत की रिया राठौर इसी स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं। जैस्मीन कौर ने लड़कियों के शॉट पुट में 14.86मीटर थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि शौर्य अंबुरे ने लड़कियों की 100मीटर हर्डल्स में 13.73 के नए पर्सनल बेस्ट के साथ सिल्वर मेडल जीता।
गुरुवार को मिले सात पदकों के साथ भारत के अब एशियन यूथ गेम्स 2025 में दो स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य सहित कुल 10 पदक हो गए हैं और वह पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया हैं।

More Stories
भारत का वेस्टइंडीज पर पलटवार, केएल राहुल ने 129 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को 351 तक पहुंचाया
हरमनप्रीत सिंह ने रचा इतिहास, भारत को लगातार दूसरी बार एशियन चैंपियन बनाने वाले पहले कप्तान बने
मिट्टी के अखाड़े से एशियन गेम्स के गोल्ड तक, अमन सहरावत की संघर्ष से सफलता की कहानी