न्यूयॉर्क
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो 1 नवंबर 2025 से आयतित समानों पर लागू होंगे. इस ऐलान के साथ ही अमेरिका और चीनी स्टॉक मार्केट में भारी तबाही आई है. इसे लेकर अब भारतीय निवेशक भी डरे हुए हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सोमवार को जब भारतीय बाजार खुलेगा तो क्या होगा?
ट्रंप के 100% टैरिफ के फैसले से चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वार की स्थिति पैदा हो गई है. आशंका है कि अमेरिका के इस एक्शन पर चीन भी कार्रवाई कर सकता है. अगर ऐसा हुआ तो दुनिया की दो बड़ी आर्थिक इकोनॉमी वाले देशों के बीच Trade War पैदा हो जाएगा, जो दुनिया के लिए बिल्कुल सही नहीं है. इस कारण आशंका है कि सोमवार को भारत समेत वर्ल्ड वाइड शेयर बाजार में हैवी गिरावट आ सकती है.
अमेरिकी शेयर बाजार में तबाही
शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट आई. S&P 500 और नैस्डैक ने 10 अप्रैल के बाद से अपनी सबसे बड़ी सिंगल डे गिरावट दर्ज की. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.90 प्रतिशत गिरकर 45,479.60 पर, S&P500 2.71 प्रतिशत गिरकर 6,552.51 पर और नैस्डैक कंपोजिट 3.56 प्रतिशत गिरकर 22,204.43 पर आ गया.
ट्रंप ने चीनी आयात पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ और महत्वपूर्ण अमेरिकी सॉफ्टवेयर पर नए निर्यात नियंत्रण का ऐलान किया है. इससे बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, जिसमें NVIDIA, टेस्ला और अमेजन जैसी प्रमुख कंपनियां 2 फीसदी से ज्यादा गिर गईं.
भारतीय बजार में गैप-डाउन के संकेत
आखिरी बार देखे जाने पर, गिफ्टी निफ्टी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,205 पर कारोबार कर रहा था, जो संभावित गैप-डाउन ओपनिंग का संकेत दे रहा है. यह पिछले हफ़्ते के मज़बूत प्रदर्शन के बावजूद हुआ है, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी.
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक, एनरिच मनी के सीईओ और सेबी- रजिस्टर्ड एक्सपर्ट पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा घरेलू कारकों, वैश्विक व्यापक आर्थिक रुझानों और कॉर्पोरेट आय के संयोजन पर निर्भर करेगी.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
पोनमुडी ने कहा कि अमेरिका-चीन टैरिफ युद्ध के फिर से बढ़ने से वैश्विक जोखिम धारणा पर असर पड़ने की आशंका है. व्यापार तनाव में यह कदम डॉलर के अस्तित्व पर असर डाल सकता है, जिससे उभरते बाजारों के शेयरों और करेंसी पर और दबाव बढ़ सकता है. पोनमुडी ने कहा कि कॉर्पोरेट मोर्चे पर, सभी की निगाहें आईटी सेक्टर पर होंगी, जहां इंफोसिस, HCL टेक और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली हैं.
पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी लगातार लचीलापन दिखा रहा है और महत्वपूर्ण 25,000-24,850 सेक्टर्स के ऊपर एक उच्च-निम्न संरचना बना रहा है. पोनमुडी ने कहा, 'ट्रेंडलाइन समर्थन और मजबूत पुट राइटिंग ने इंडेक्स को अस्थिरता को झेलने और अपने ऊपरी रुझान को बनाए रखने में मदद की है. ऊपर की ओर, 25,300-25,400 के बीच भारी कॉल ओपन इंटरेस्ट ने दीर्घकालिक ढलान प्रतिरोध रेखा के साथ एक निकट-अवधि की बाधा उत्पन्न की है. 25,500 से ऊपर एक निर्णायक बंद तेजी की गति को फिर से जगा सकता है और एक उच्च-उच्च संरचना की पुष्टि कर सकता है, जिससे 25,700-25,900 की ओर रास्ता खुल सकता है.'

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