नई दिल्ली
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) ने यू.जी.सी. अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत अनिवार्य जानकारी जमा न करने और अपनी वैबसाइट पर सार्वजनिक जानकारी न देने के कारण कम से कम 54 राज्य स्तरीय निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर (चूककर्त्ता) घोषित किया है, जिसमें NIILM विश्वविद्यालय भी शामिल है।
ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से भेजे गए कई स्मरणपत्रों (रिमाइंडर्स) का हवाला देते हुए यू.जी.सी. ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निरीक्षण के लिए विस्तृत जानकारी, रजिस्ट्रार द्वारा विधिवत सत्यापित सहायक दस्तावेजों के साथ जमा करने का निर्देश दिया गया है।
यू.जी.सी. सचिव मनीष जोशी ने कहा, "उन्हें भरे हुए प्रारूप और परिशिष्टों को होम पेज पर एक लिंक देकर अपनी वैबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि जानकारी छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ हो सके। इसके बाद ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से कई स्मरणपत्र भेजे गए।"
सार्वजनिक जानकारी देने से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों को हितधारकों को जानकारी प्रदान करने के लिए एक वैबसाइट रखनी होगी, जो चालू हो।

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