नई दिल्ली
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजे आ चुके हैं. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 29 सितंबर से शुरू हुई बैठक के फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि आपके लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं होगा. अगस्त के बाद अक्टूबर में भी ब्याज दर 5.5% पर यथावत रखी गई है. इस साल अब तक रेपो रेट में तीन बार कटौती की गई है और इसे कुल 100 बेसिस पॉइंट तक घटाया जा चुका है.
रेपो रेट को लेकर लोगों को थी उम्मीद
दशहरा के पहले लोग उम्मीद लगाकर बैठे थे कि जिस तरह से जीएसटी में सरकार की ओर से राहत दी गई है. उसी प्रकार से रेपो रेट को लेकर फैसला किया जा सकता है जिससे आम जनता को राहत मिलेगी. जानकारों ने भी कुछ इसी तरह की उम्मीद की बात की थी लेकिन एमपीसी की बैठक के बाद आम जनता को कोई राहत नहीं दी गई.
मौद्रिक नीति पर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि एमपीसी ने एकमत से फैसला किया कि रेपो रेट 5.5% पर यथावत रहे. इसी के साथ STF रेट 5.25%, MSF रेट और बैंक रेट 5.75% पर बने रहेंगे. एमपीसी ने नीति के न्यूट्रल रुख को भी जारी रखने का निर्णय लिया.
औसत मुद्रास्फीति को घटाकर 2.6% कर दिया गया
इस साल की औसत मुद्रास्फीति को घटाकर 2.6% कर दिया गया है, जबकि जून में यह 3.7% और अगस्त में 3.1% अनुमानित थी. चौथी तिमाही और अगले साल की पहली तिमाही की मुद्रास्फीति भी कम हुई है और लक्ष्य के करीब बनी हुई है. वैश्विक अनिश्चितताएं और व्यापार संबंधी मुद्दे इस साल के दूसरे हिस्से में आर्थिक वृद्धि को धीमा कर सकते हैं. वर्तमान आर्थिक स्थिति विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है.
जीडीपी अनुमान बढ़ाया
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है. FY26 के दूसरे तिमाही (Q2) में वृद्धि का अनुमान अब 7.0% किया गया है जो पहले यह 6.7% था. तीसरी तिमाही (Q3) में वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 6.4% किया गया है. चौथी तिमाही (Q4) में जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.2% रखा गया है, जो पहले 6.3% था. अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में वृद्धि का अनुमान 6.4% लगाया गया है, जबकि पहले इसे 6.6% रखा गया था.
महंगाई होगी कम
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में महंगाई (CPI Inflation) के नए अनुमान जारी किए हैं. ताजा अनुमान के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में औसत खुदरा महंगाई दर घटकर 2.6% रहने का अनुमान है, जबकि पहले इसे 3.1% आंका गया था. आरबीआई का कहना है कि हाल के महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई तेज गिरावट ने महंगाई को काबू में करने में बड़ी भूमिका निभाई है. तिमाहीवार महंगाई अनुमान इस प्रकार हैं:
Q2 FY26: 1.8% (पहले 2.1%)
Q3 FY26: 1.8% (पहले 3.1%)
Q4 FY26: 4.0% (पहले 4.4%)
Q1 FY27: 4.5% (पहले 4.9%)

More Stories
Bajaj Pulsar 125 New Model: लॉन्च से पहले लीक हुई पहली झलक, नया लुक देख फैन्स हुए एक्साइटेड
Morgan Stanley का बड़ा दावा, सेंसेक्स छू सकता है 1 लाख का आंकड़ा; जानें क्या है वजह
Gold Silver Price Today: तीसरे दिन भी चांदी में तेजी, सोना 1.42 लाख के करीब पहुंचा; देखें ताजा भाव