नई दिल्ली
राज्यसभा में उस वक्त माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री और मशहूर एक्टर सुरेश गोपी ने फिल्म एल2 एमपुरान को लेकर उठे विवाद पर खुलकर जवाब दिया। जैसे ही सीपीआई सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि फिल्म पर 2002 के गुजरात दंगों की झलक दिखाने की वजह से राजनीतिक दबाव डाला गया, सुरेश गोपी भड़क उठे और अपनी कुर्सी से खड़े होकर सफाई पेश की। सुरेश गोपी को तमतमाया देख केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में दखल देकर उन्हें शांत कराया।
जॉन ब्रिटास को जवाब देते हुए सुरेश गोपी ने कहा, “ये सिर्फ एक सच्चाई है, जिसे मैं हर भारतीय को बताना चाहता हूं। फिल्म के निर्माताओं पर सेंसर बोर्ड या किसी अन्य संस्था की कोई दबाव नहीं था। सुरेश गोपी ने ये भी खुलासा किया कि फिल्म के थैंक यू कार्ड से उनका नाम हटाने का फैसला खुद उनका था।
जॉन ब्रिटास के आरोपों का सुरेश गोपी ने दिया जवाब
गोपी उन्होंने कहा, “मैंने खुद फोन करके निर्माताओं से कहा कि मेरा नाम हटा दें। ये मेरा फैसला था और अगर ये झूठ निकले तो मैं हर सजा भुगतने को तैयार हूं।” उन्होंने बताया कि फिल्म से 17 हिस्से हटाने का निर्णय निर्देशक और मुख्य अभिनेता की सहमति से निर्माताओं ने खुद लिया था।
इससे पहले भी सुरेश गोपी इस मुद्दे पर मीडिया से मुखातिब हो चुके हैं। इससे पहले उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, “तो विवाद है क्या? कौन विवाद खड़ा कर रहा है? ये सब बिजनेस है, लोगों की मानसिकता से खिलवाड़ कर पैसा कमाने का तरीका है।”
क्यो मचा है मोहनलाल की फिल्म एल2 एमपुरान पर बलाल
दरअसल, मोहनलाल स्टारर फिल्म एल2 एमपुरान में 2002 के गुजरात दंगों को एक काल्पनिक रूप में दिखाया गया है, जिसमें पृथ्वीराज का किरदार जायेद मसीद इन घटनाओं से प्रभावित दिखता है। इस पर सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों में आपत्ति जताई गई, जिसके बाद निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड से संपर्क कर स्वेच्छा से 24 कट लगाए। इनमें एक किरदार का नाम बदलना, महिलाओं के खिलाफ हिंसा के दृश्य और धार्मिक स्थलों से जुड़े सीन हटाना शामिल है।

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