February 27, 2026

अब वक्फ बिल पर सियासत तेज, कई दलों समेत मुस्लिम संगठनों का विरोध भी जारी

मुंबई
वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में पेश कर दिया गया है। अब वक्फ बिल पर सियासत तेज हो गई है। कई दलों का विरोध जारी है। वक्फ बिल पर मुस्लिम संगठनों का विरोध भी जारी है। वहीं कुछ ने बिल का समर्थन किया। इस बीच भारतीय सूफी फाउंडेशन पर भी रिएक्शन आ गया है। भारतीय सूफी फाउंडेशन के सदर कशिश वारसी ने कहा कि जो लोग इस बिल की मुखालफत कर रहे हैं, ये तब क्यों चुप थे जब गरीब मुसलमानों का हक वक्फ माफिया मार रहे थे। आज ये हालात क्यों आए?

कशिश वारसी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि यह बिल कल्याण के लिए है। संसद में कहा गया कि वक्फ के पास करोड़ों की आय और संपत्ति है। उन्होंने सवाल किया कि जब अगर ऐसा होता तो मुसलमान गरीब क्यों रहते? वक्फ बोर्ड और वक्फ माफियाओं ने गरीब मुसलमानों के लिए स्कूल, अस्पताल और घर क्यों नहीं बनाए? वे कह रहे हैं कि वे कोर्ट जाएंगे। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब वक्फ माफिया गरीब मुसलमानों के अधिकार छीन रहे थे, तब वे चुप क्यों थे?

वारसी ने सवाल किया कि आप कह रहे हैं कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है। नीयत खराब है। अगर सरकार की नीयत खराब है तो आप कहते हैं आप हाईकोर्ट जाएंगे। आप हाईकोर्ट जाइए दरवाजा खुला है लेकिन पहले वक्फ बिल को पढ़िए। अगर उसमें कुछ कुछ गलत है तो संसद बहस के लिए खुली है। संसद में सवाल उठा सकते हैं। आप हाईकोर्ट जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। मैं तो कहूंगा इससे पहले आपकी जुबान क्यों बंद थी? जब हक मारा जा रहा था।

आपको बता दें कि लोकसभा में पास होने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक के सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया। उच्च सदन में भी विधेयक पर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई। सत्ता पक्ष ने वक्फ जमीनों के दुरुपयोग और अवैध कब्जों का मुद्दा उठाते हुए संशोधनों की जमकर पैरवी की।

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