मुंबई
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबार सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 930 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,364 और निफ्टी 345 अंक या 1.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,904 पर था। गिरावट का असर लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप पर अधिक दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,516 अंक या 2.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,645 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 579 अंक या 3.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,675 पर था।
सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, एनर्जी, इन्फ्रा और कमोडिटी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। केवल फाइनेंशियल सर्विसेज और एफएमसीजी इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हुए हैं।
सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और आईटीसी टॉप गेनर्स थे। टाटा स्टील , टाटा मोटर्स, एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और एचसीएल टेक टॉप लूजर्स थे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा कि हाल ही में अमेरिका द्वारा अनुमान से अधिक टैरिफ लागू किए जाने का वैश्विक बाजारों पर काफी असर हुआ है और निवेशक इससे हुए नुकसान की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की संभावना ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, जो संभावित आर्थिक मंदी और मंदी के बढ़ते जोखिम को लेकर चिंताओं को दर्शाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ के बाद यूएस के बाजारों में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई। डाओ करीब 4 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 2,806 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार पांचवें दिन शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 221.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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